10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बूंदी

Video: घास भैरू की सवारी में हैरतअंगेज करतबों को देखकर रोमांचित हुए दर्शक

रोशनी के पर्व पर भाई दूज के अवसर पर क्षेत्र के ग्राम बड़ोदिया,सथूर,ठीकरदा में शताब्दियों से आयोजित घास भेरू महोत्सव में कलाकारों द्वारा हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन के दौरान उन्हें देखने वाले लोग रोमांचित हो गए।

Google source verification

हिण्डोली. रोशनी के पर्व पर भाई दूज के अवसर पर क्षेत्र के ग्राम बड़ोदिया,सथूर,ठीकरदा में शताब्दियों से आयोजित घास भेरू महोत्सव में कलाकारों द्वारा हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन के दौरान उन्हें देखने वाले लोग रोमांचित हो गए। यहां पर विभिन्न जादूई कलाओं को देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे यहां की कलाएं बंगाल की जादूई कलाओं से कम नहीं है।

सोमवार सुबह से ही ग्राम बड़ोदिया में युवा कला मंडल ने कलाओं व करतबों को लोग देखने के लिए खोल दिया। यहां पर शुरुआती धीचकडा की धूम रही। कलाकार सॉन्ग बनाकर पूरे गांव की गलियों में घूमते रहे हम लोगों का मनोरंजन करते रहे।

यहां पर हाथी गजा के पास से हास्य कलाएं शुरू हुई। यहां पर पुतले लगे हुए थे। थोड़ा आगे चलने पर कच्चे सूत से भारी भरकम पत्थर लटका हुआ था। मधुमक्खी का छत्ता, पत्थर पर शिव प्रतिमा रखी और उसमें से पानी की धार निकलना। इस प्रकार के एक दर्जन से अधिक प्रदर्शन कर रखे थे। आगे जाने पर काला जी की बावड़ी वह पास के क्षेत्र में भी हैरतंगेज करतबों का प्रदर्शन हो रहा था। बावड़ी पर मोटरसाइकिलें के लटकाना,कांच के गिलास पर भारी भरकम ट्रैक्टर खड़ा करना, एलएनटी मशीन को खड़ा करना, बिना लाइट कनेक्शन के गुढा गुड्डी चलना, पानी में पत्थर तेराना, लाग के कई करतब देख कर लोग रोमांचित हो उठे। इसके अलावा कृषि, शिक्षा ,मनोरंजन की सजी हुई झांकियां निकाली गई। यहां पर दोपहर 3 बजे बाद बड़ौदिया की सडक़ें, रास्ते भीड़ से अट गए। लोगों को आवाजाही में भी काफी परेशानी हुई ।

ग्राम सथूर राष्ट्रीय राजमार्ग 52 से लगी हुई ग्राम पंचायत है। यहां पर भी घास भैरू महोत्सव पर कलाकारों द्वारा विभिन्न हैरतंगेज करतबों का प्रदर्शन किया। यहां पर बस स्टैंड व पटवार घर के पास हवा में व्यक्ति लटकाना, कांच के गिलास पर टैंकर खड़ा होना कई दृश्य जो लोगों को रोमांचित कर रहे थे। शरीर में भाला निकालना, सर थाली में सजाना, हाथ अलग रखना,पैर जमीन में गाडऩा, बावड़ी में पत्थर तेराना, महादेव की जटाओं से पानी निकालना आदि कार्यक्रम को देखकर यहां आए सैलानी रोमांचित होते रहे। यहां कार्यक्रम सुबह से रात तक जारी रहा।

बूंदी से मात्र 7 किलोमीटर दूर ठीकरदा में भी घास भेरू महोत्सव का विशेष आयोजन हुआ। यहां पर स्थानीय कलाकारों द्वारा जादूई कलाओं का प्रदर्शन किया।यहां पर भारी भरकम मशीनों को कांच के गिलास ऊपर खड़ी करना, खेजड़ी व जाल के कांटों पर एक व्यक्ति को लिटाकर कर घसीटना, स्थानीय कलाकारों द्वारा नृत्य करना, शिव प्रतिमा की से पानी निकालना सहित कई करतब शाम तक जारी रहे।

प्रदेश के विभिन्न शहरों से आए लोग
ग्राम बड़ोदिया सथूर व ठीकरदा के घास भेरू महोत्सव की कलाओं को देखने के लिए प्रदेश भर के विभिन्न जिलों से सैकड़ो की संख्या में महिलाएं पुरुष व युवा घास भेरू महोत्सव देखने यहां पहुंचे। जिन्होंने दिन भर कलाओं का आनंद उठाया एवं हैरत करतबों को देखकर उन्हें जानने की जिज्ञासा रही।

विदेशी सैलानियों ने भी लिया आनंद
हिण्डोली.बड़ौदिया सहित ठीकरदा में घास भेरू महोत्सव को देखने के लिए विदेशी सैलानी भी पहुंचे, जिन्होंने यहां की जादुई कलाई देखकर काफी आनंद उठाया।यहां पर सुबह से पुलिस उपाधीक्षक अजीत मेघवंशी ,थाना प्रभारी पवन मीना , दबलाना थाना प्रभारी मनोज सिंह सिकरवार वह प्रशासनिक अधिकारी मय जाप्ता बड़ोदिया,सथूर,ठीकरदा में रहे जहां पर शांति से कार्यक्रम संपन्न हुआ।यहां पर तीनों स्थानों पर बैलों की जोडिय़ां व किसानों की मदद से से घास भेरू की पूजा अर्चना के बाद सवारी निकाली। इस दौरान ग्रामीण के साथ चल रहे थे।