बूंदी. नगर परिषद की नवनियुक्त सभापति सरोज अग्रवाल ने शनिवार को विधिवत पूजा-अर्चना के साथ अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। अधिशासी अभियंता अरुणेश शर्मा ने सभापति सरोज अग्रवाल से कागजों पर हस्ताक्षर कराकर पदभार संभलाया। इधर,सभापति के पद़भार ग्रहण करते कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की। भाजपा-कांग्रेस के पार्षदों के साथ कई सामाजिक संगठनों ने अग्रवाल का माला पहनाकर अभिनंदन किया। इस दौरान सभापति के पति भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल मौजूद रहे।
पदभार ग्रहण करने के साथ ही नवनियुक्त सभापति सरोज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, उसका में पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करूंगी। मेरा पहला प्रयास शहर को स्वच्छ रखने का रहेगा और शहर में जगह-जगह घूम रहे गोवंश गोशालाओं में पहुंचाना होगा। शहर में पर्यटन विकास के भी नए आयाम स्थापित किए जाएंगे । उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, जिसके माध्यम से शहर का संपूर्ण विकास करवाया जाएगा । नगर परिषद के सभी कार्मिकों को साथ लेकर कार्य करूंगी।
उन्होंने कहा कि मेरा सपना है कि बूंदी स्मार्ट सिटी बने उसके लिए पूरा प्रयास करूंगी और वाहनों की सुविधा के लिए अंडरग्राउंड पार्किंग के लिए प्रयास किए जाएंगे। सभापति ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व पूर्व विधायक अशोक डोगरा का आभार जताया है। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल का भी कार्यकर्ताओं व आमजन ने भी साफा बंधवाकर स्वागत किया। इस दौरान तालेड़ा उप प्रधान राधेश्याम गुर्जर,पूर्व सभापति महावीर मोदी, पार्षद मुकेश माधवानी, मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन,भाजपा नेता भरत शर्मा,पार्षद मानस जैन, संचित अग्रवाल, भाजपा नेता संजय भूटानी,पूर्व शहर अध्यक्ष महावीर खंगार,महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष नूपुर मालव, जिला महामंत्री रंजना जोशी,माला भूटानी, बबीता दाधीच, कल्पना सेन,मीना सैनी,सूरज बिरला,कविता कहार सहित बड़ी संख्या में पार्षद व कर्मचारी मौजूद रहे।
कांग्रेस पार्षदों का स्वागत बना चर्चा का विषय
भाजपा खेमे से बनी सभापति का कांग्रेस के पार्षदों ने भी नगर परिषद पहुंचकर अभिनंदन किया। कांग्रेस पार्षदों का परिषद में सभापति का स्वागत को लेकर लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। खास बात यह रही कि इन पार्षदों ने कांग्रेस बोर्ड में अपने बोर्ड के विरुद्ध मोर्चा खोला था। इनके स्वागत के लोग कई मायने निकालने लगे है। स्वागत करने वालों में उप सभापति लटूर भाई, कांग्रेस पार्षद देवराज गोचर, प्रेमप्रकाश, हेमंत वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सवा साल पहले ही मधु नुवाल को किया निलंबित
सरकार बदलते ही एक बार फिर बूंदी नगर परिषद में रोचक किस्सा देखने को मिला। अभी पूर्व सभापति मधु नुवाल का करीब सवा साल का कार्यकाल लगभग बचा हुआ है,लेकिन इन पर पद का दुुरुपयोग कर सरकारी जमीन पर कब्जा करने व अतिक्रमण कर अनुचित लाभ लेने का आरोप में स्वायत्त शासन विभाग ने पार्षद व सभापति पद से निलंबित कर दिया है। जबकि ऐसा ही वाक्या कांग्रेस शासन में हुआ था। तब नगर परिषद के सभापति महावीर मोदी रहे, उनका 4 दिन का कार्यकाल शेष बचा हुआ था, लेकिन उनको भ्रष्टाचार के मामले में न्यायिक जांच के चलते निलंबित कर दिया था। ऐसे में बीते दो बोर्ड कार्यकाल में यह दूसरा प्रकरण बूंदी नगर परिषद में देखने को मिला।
कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष की दौड़ शुरू
नगर परिषद में सत्ता बदलने के साथ ही अब कांग्रेस खेमे में नेता प्रतिपक्ष की होड़ शुरु हो गई है। तीन दिन पूर्व कांग्रेस की सभापति होने के नाते बोर्ड में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भाजपा के मुकेश माधवानी अदा कर रहे थे,अब नगर परिषद में सभापति भाजपा की बनने के साथ ही कांग्रेस में हलचल शुरु हो गई है कि आखिर नेता प्रतिपक्ष कौन चुना जाएगा। कांग्रेस खेमे से हमेशा तीन से चार पार्षद ही मजबूती से सदन में अपनी बात रख पाए है। ऐसे में अब देखना होगा कि नेता प्रतिपक्ष का सेहरा किसके सिर सजेगा।
राज्य सरकार ने कांग्रेस की लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सभापति को निलंबित किया है और 60 दिवस के लिए नए सभापति की नियुक्ति की है। यदि नगर परिषद में विधिवत चुनाव होंगे तो हम पुन: कांगे्रस पार्टी का सभापति बनाएंगे। नेता प्रतिपक्ष विधिवत रूप से चुनाव के बाद की प्रक्रिया है।
शैलेश सोनी अध्यक्ष, शहर कांग्रेस कमेटी, बूंदी