
चंदौली. मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम रविवार को बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन कर दिया गया है। इसके लोकार्पण समारोह में पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह रेल मंत्री पीयूष गोयल, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत भाजपा के दिग्गज नेताओं को यहां विरोध का सामना करना पड़ा।
सभा स्थल में ही कुर्सियां तोड़ी गईं और पोस्टर दिखाकर भारी नाराजगी जाहिर किया गया। ये हंगामा करने वाले फायरमैन भर्ती के अभ्यर्थी थे। जिनकी मांग थी कि आवेदन किए जाने के बाद भी उन्हे सरकार नौकरी नहीं दे रही है। इसे लेकर हंगामा काफी देर तक चलता रहा। पुलिस और भाजपा नेताओं के बीच बचाव के बाद अभ्यर्थियों को शांत कराया गया जिसके बाद माहौल ठीक हो सका।
ये है नाराजगी की वजह
योगी आदित्यनाथ सरकार ने अखिलेश यादव के एक फैसले को अक्टूबर 2017 में रद्द करते हुए फायरमैन और जेल वार्डेन की भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया था। लेकिन तकरीबन साल भर बीत जाने के बाद भी इन अभ्यर्थियों की भर्ती को लेकर सरकार ने कुछ खास नहीं किया। बतादें कि 2016 में फायरमैन के 1575 जेल वार्डेन के 2311 पदों के लिए भर्ती को खोला था। तय किया गया था कि सभी पद सीधी भर्ती यानी सिर्फ इंटरव्यू के जरिए भरे जाएंगे।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस व्यवस्था को भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला बताते हुए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के जरिए भर्ती करने का फैसला किया । लेकिन वो भर्ती अब तक नहीं की जा सकी। इसी को लेकर मुगलसराय में आयोजित जनसभा में फायरमैन भर्ती के अभ्यर्थीयों ने जमकर बवाल काटा।