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चेन्नई. पिछले हफ्ते श्रीगोकुलम चिट फंड कंपनी के परिसरों पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी की खबरें सुर्खियों से हटती इससे पहले केंद्रीय एजेंसी के दस्ते सोमवार सुबह ही नगर पालिका प्रशासन, शहरी और जलापूर्ति मंत्री केएन नेहरू और उनके लोकसभा सांसद बेटे अरुण नेहरू से जुड़े कई ठिकानों पर जा पहुंचे। बता दें कि राज्य में विधानसभा और दिल्ली में संसद का सत्र चल रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी 22 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी के मामले में की गई। दरअसल, इंडियन ओवरसीज बैंक ने ट्रूडोम ईपीसी लिमिटेड नामक कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें मंत्री नेहरू के भाई एन. रविचंद्रन निदेशक हैं।
13 ठिकानों पर छापेमारी
सूत्रों के मुताबिक छापेमारी ट्रू वैल्यू होम्स (टीवीएच) नामक रियल एस्टेट कंपनी से जुड़े स्थानों पर भी की गई, जो एन. रविचंद्रन की ही है। कुल मिलाकर ईडी ने तमिलनाडु में 13 ठिकानों पर छापेमारी की है, जिनमें मंत्री नेहरू का तिरुचि स्थित आवास भी शामिल है। तिरुचि में ईडी की टीमों ने कम से कम 10 स्थानों पर तलाशी ली, जिसमें तिल्लै नगर में मंत्री और उनके भाई केएन रामजयम के घर भी शामिल हैं। केएन रविचंद्रन के स्वामित्व वाली रियल्टी फर्म टीवीएच बिल्डर्स भी ईडी की जांच के दायरे में आई।
सीआरपीएफ सुरक्षा में पहुंची टीम
सीआरपीएफ की सुरक्षा में चेन्नई के आलवारपेट, आरए पुरम और कुछ अन्य स्थानों पर तलाशी चल रही है। कोयम्बत्तूर में टीवीएच निर्मित अपार्टमेंट में मणिवन्नन के घर की भी तलाशी की खबर है। छापे की जानकारी मिलने पर तिरुचि में केएन नेहरू के समर्थकों का एक समूह उनके आवास के पास इकट्ठा हो गया। हालांकि, कुछ वरिष्ठ डीएमके नेताओं द्वारा कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके को खाली करने के अनुरोध के बाद वे जल्दी ही वहां से हट गए।
राजनीति प्रेरित छापा
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेताओं और समर्थकों ने ईडी की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि छापे राजनीति से प्रेरित थे और डीएमके सरकार की छवि खराब करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा सुनियोजित थे। नेहरू समर्थक पार्टी नेता ने कहा, ‘हमारे मंत्री के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। तमिलनाडु में डीएमके की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा चिंतित है। हमारी सरकार की छवि खराब करने के प्रयास में, वह इन छापों के माध्यम से हमारे मंत्रियों को निशाना बना रही है।’ उल्लेखनीय है कि इस छापे को लेकर समाचार लिखे जाने तक ईडी की ओर से कोई आधिकारिक वक्तव्य जारी नहीं किया गया है।