छतरपुर। जिले के लवकुशनगर अनुविभाग क्षेत्र के गौरिहार और गोयरा थाना क्षेत्र में चल रहे रेत के अवैध कारोबार में स्थानीय पुलिस की भूमिका खुलकर सामने आ गई है। गौरिहार थाना पुलिस और गोयरा थाना पुलिस की निगरानी और सत्ताधारी पार्टी के विधायकों के संरक्षण में रेत का यह पूरा खेल चल रहा है। पुलिस थानों के प्रभारी से लेकर पूरा स्टाफ रेत कारोबारियों के लिए ही काम कर रहे हैं। गुरुवार को गौरिहार थाना के टीआइ विनायक शुक्ला का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे ग्रामीण किसान को खेत से रेत से भरे ट्रक नहीं निकलने देने पर धमकाते नजर आ रहे हैं। वहीं गोयरा थाना के प्रभारी राजकुमार यादव का ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे उस सिपाही को मोबाइल पर रेत खदान पर ट्रक भेजने के निर्देश दे रहे हैं जिसे दो दिन पहले एसपी ने निलंबित किया है। इस सिपाही राकेश अहिरवार का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह रेत कारोबारी चरण सिंह की खदान पर रेत लोड करने के लिए ट्रक भेजते हुए दिखाया गया था। इस ऑडियो और गौरिहार टीआइ्र्र का वीडियो वायरल होने के बाद यह पूरा खेल सामने आ गया है।
सुबह ४ बजे पहुंची टीम, एक एनएलटी पकड़ी, पुलिस करा चुकी थी एनाउंसमेंट :
रेत के अवैध कारोबार के खिलाफ शुरू होने वाली जिला प्रशासन की हर बार की कार्रवाई को फेल करने के मामले में भी नया खुलासा हुआ है। पता चला है कि खनिज और राजस्व विभाग की टीम के पहुंचने से पहले रेत कारोबारियों और मशीनों को हटवाने के लिए गौरिहार थाना पुलिस ही एनाउंसमेंट कराती थी। गुरुवार की सुबह ४ बजे गोयरा थाना क्षेत्र के मवई घाट पर राजनगर एसडीएम स्वप्निल बानखेड़े ने सागर कमिश्नर के निर्देश पर एक खदान से एनएलटी मशीन पकड़ी है। यह कार्रवाई एक विधायक के कहने पर दूसरे अनुविभाग के एसडीएम से कराई गई। एसडीएम के साथ गौरिहार टीआइ विनायक शुक्ला भी मौजूद थे। जबकि इस जगह पर पहले से ही १५ एलएनटी मशीनें चल रहीं थी, जिन्हें पुलिस ने एनाउंसमेंट करके हटवा दिया। वहीं मौके पर 50 से अधिक रेत से भरे ट्रक खड़े थे, लेकिन इनमें से एक भी ट्रक की जब्ती नहीं की गई। पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने भी आरोप लगाया है कि गौरिहार टीआइ विनायक शुक्ला सहित पूरा पुलिस तंत्र मिलकर सत्ताधारी पार्टी के विधायकों के इशारे पर सिंडीकेट बनाकर रेत का अवैध कारोबार करवा रहे हैं। गौरिहार टीआइ पर यह भी आरोप है कि वे अपने छोटे भाई से गौरिहार क्षेत्र में रेत का कारोबार करवा रहे हैं। टीआई के भाई महोबा के आवेश नाम के व्यक्ति के साथ मिलकर कारोबार कर रहे हैं। वहीं यूपी के रेत कारोबारी रजा खान के साथ टीआइ की पार्टनरशिप होने के आरोप भी लग चुके है। क्योंकि रजा खान द्वारा परेई के रेत डंप पर की गई लूटपाट के मामले में आज तक गौरिहार पुलिस ने कोई एफआइआर दर्ज नहीं की है। इसीलिए यह आरोप सही साबित होते नजर आ रहे हैं। यह बात तब और पुख्ता हो जाती है जब गौरिहार टीआइ एक खेत पर किसान को धमकाते हुए वीडियो में नजर आते हैं।
ऑडियो-वीडियो सामने आने से खुली पोल :
रेत के अवैध कारोबार में अब तक खुद को पाक-साफ बता रही पुलिस की पोल गुरुवार को दो थाना प्रभारियों के आडियो-वीडियो सामने आने के बाद खुल गई है। गौरिहार थाना प्रभारी परेई में सरपंच के खेत पर पहुंचकर किसानों को धमकाते हुए एक मोबाइल कैमरे में कैद हो गए हैं। विनायक शुक्ला रेत से भरे ट्रकों की निकासी के लिए किसान ज्ञानेंद्र मिश्रा पर दवाब बनाते हुए दिखाए गए हैं। किसान द्वारा मना करने पर वे गाली-गलौच के साथ धमकी देते भी नजर आ रहे हैं। इसी तरह गोयरा थाना प्रभारी राजकुमार यादव का एक ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें वे अपने थाने के सिपाही राकेश अहिरवार को निर्देश दे रहे हैं कि चरण सिंह की खदान पर 50 ट्रक भिजवा दो। दरअसल यूपी के बड़े रेत कारोबारी चरण सिंह की अवैध रेत खदानों पर पुलिस के संरक्षण में ट्रक लोड होने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन जब सिपाही का वीडियो और थाना प्रभारी का ऑडियो समाने आया तो यह आरोप पुख्ता हो गए।
इनका कहना है :
गोयरा थाना के सिपाही का वीडियो सामने आने पर उसे तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच करके जांच शुरू करा दी गई थी। गोयरा थाना प्रभारी का ऑडियो अभी सुना नहीं। उसकी सत्यता की जांच कराई जाएगी। गौरिहार टीआइ के वीडियो को भी देखकर जांच कराई जाएगी। यदि इनमें कोई सत्यता पाई जाती है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
– तिलक सिंह, एसपी छतरपुर
रेत से भरे ट्रकों की निकासी को लेकर ज्ञानेंद्र मिश्रा का विवाद परेई सरपंच से हो गया था, जिस पर ज्ञानेंद्र मिश्रा ने रास्ते में गड्ढा खोद दिया था। इससे सड़क पर ट्रकों का जाम लग गया था और वैध ट्रक रेत लेकर नहीं निकल पा रहे थे, इसीलिए गड्ढा खोदने वाले लोगों को समझाने गए थे। दूसरा मेरे भाई के रेत कारोबार में शामिल होने के आरोप गलत है। रजा खान के डंप इस क्षेत्र में होने की जानकारी है, लेकिन मेरा उनसे कोई लेना-देना नहीं। आरोप गलत है।
– विनायक शुक्ला, टीआइ, गौरिहार थाना