चूरू. सीजेएम राजेश कुमार ने शनिवार को जिला प्रमुख हरलाल सहारण के विरुद्ध चल रहे फर्जी टीसी के आधार पर चुनाव लडऩे के मामले में उनके वकील की ओर से पेश किए गए प्रार्थना पत्र को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
प्रार्थना पत्र में इस्तगासे को गलत ठहराते हुए इसमें लगाई गई धारा 467 आईपीसी को गलत बताया गया था। एडवोकेट सुरेंद्र जाखड़ ने बताया कि परिवादी चिमनाराम कालेर ने जिला प्रमुख पर १०वीं कक्षा की फर्जी टीसी के आधार पर चुनाव लडऩे का आरोप लगाते हुए न्यायालय में विभिन्न धाराओं में इस्तगासा पेश किया गया था। जिस पर कोर्ट ने सुनवाई व पुलिस थाना कोतवाली से रिपोर्ट मंगवाने के बाद कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर जांच करने के लिए 156(3) में इस्तगासा भेजा था। इस्तगासे के आधार पर कोतवाली पुलिस ने गत २५ जनवरी २०१९ को एक एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान सारे सबूत एकत्रित कर पेश की गई टीसी को फर्जी माना। अब जांच पूर्णता की और है। जिस पर जिला प्रमुख ने अपने वकील के जरिए कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र पेश कर आरोप लगाया कि 156 (3) का इस्तगासा गलत भेजा गया है। परिवादी चिमनाराम को इस्तगासा पेश करने का कोई अधिकार नहीं है। इस्तगासे में लगाई गई धारा 467 आईपीसी गलत लगाई गई है। वो लगती नहीं है। जो केवल जिला प्रमुख को गिरफ्तार करने के लिए ही लगाई गई है। न्यायालय की निगरानी में मामले की जांच की जाए। शनिवार को सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रार्थना पत्र के तथ्यों को नकारते व आधारहीन मानते हुए प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
जिला प्रमुख का मोबाइल स्विच ऑफ
मामले में उनका पक्ष जानने के लिए जिला प्रमुख हरलाल सहारण को कॉल किया गया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ था।