चूरू. आईजी बीएल मीणा ने कहा कि हरियाणा से सटे चूरू जिले में अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में काफी अच्छा काम हुआ है।
वे सोमवार को पुलिस दिवस व अपने तीन दिवसीय चूरू दौरे के दूसरे दिन पुलिस लाइन में हुई संपर्क सभा व प्रेसवार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जिले का कुछ हिस्सा हरियाणा से सटा हुआ एरिया है। जहां ज्यादा अपराध रहता था। उस पर हमारा विश्ेष ध्यान रहता है कि अपराध ना हो। फिर भी कोई अपराध हो भी जाता है। तो उसे तुरंत कंट्रोल करने के लिए जो कार्रवाई की जानी चाहिए। वो करते हैं। पड़ौसी राज्य हरियाणा के जिलों के एसपी व आईजी से बात होती रहती है। आपसी समन्वय अच्छ है। यही वजह है कि कुछ समय में ही हमने हरियाणा पुलिस को उनके मुजरिम पकड़ के दिए हैं। थोड़े दिन पहले ही सरदारशहर क्षेत्र में बड़े ईनामी मुजरिम को हमने गिरफ्तार कर दिए हैं। उसी तरह से उन लोगों ने भी हमें हमारे वांटेड अपराधी पकड़कर सौंपे हैं। गत दिनों राजगढ़ 20 दिन पहले हुए मर्डर के मामले में अधिकांश मुजरिम पकड़े जा चुके हैं। शेष को भी पुलिस पकड़ लेगी।
पुलिसकर्मियों के परिजनों को आर्थिक सहायता
आईजी बीएल मीणा ने हाल ही में दो पुलिसकर्मियों की आकस्मिक मौत के बाद एसपी ऑफिस में उनके परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि के चेक दिया। इसके अलावा महकमे में जमादार के पद पर कार्यरत कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके बेटे को कांस्टेबल के पद पर अनुकंपा नियुक्ति का आदेश सौंपा।
३२१ पुलिसकर्मियों को मिला कार्य का सम्मान
सुबह साढ़े छह बजे पुलिस लाइन में शुरू हुई कार्यक्रमों की शृंखला में सबसे पहले परेड की सलामी ली। बाद में हुए समारोह में संभाग के चूरू, बीकानेर, श्री गंगानगर व हनुमानगढ़ के ३२१ पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के आधार पर उत्तम, अति उत्तम व सर्वोत्तम सेवा पदक लगाकर सम्मानित किया। इस मौके पर एसपी राजेंद्र कुमार, एएसपी प्रकाश कुमार, डीएसपी सुखविंद्रपाल सिंह सहित अनेक पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
आईजी ने देखा मर्डर क्राइम सीन
पुलिस लाइन परिसर में आईजी मीणा ने मर्डर क्राइम सीन का डेमोस्टेशन देखा। इस दौरान महिला थानाधिकारी राजेश के नेतृत्व में मर्डर का क्राइम सीन क्रिएट कर मौके से साक्ष्य जुटाने से लेकर सभी गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। बाद में आईजी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
पुलिसकर्मियों ने बताई अपनी समस्याएं
इस मौके पर आईजी ने संपर्क सभा लेकर पुलिसकर्मियों से उनकी विभागीय व अन्य समस्याएं जानी। इसके अलावा अपराधों के नियंत्रण के लिए बीट व्यवस्था को मजबूत बनाने व आमजन से अच्छे संपर्क बनाने की बात कही। ताकि अपराध से जुड़ी हर गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस तक पहुंचे। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने लाइन में जर्जर हो रहे क्वार्टर की समस्या बताते हुए मरम्मत करवाने की बात कही। जिस पर बाद में आईजी ने पुलिस लाइन का निरीक्षण कर जर्जर आवासों की हालत देखी। इसके अलावा विभाग संबंधी अनेक समस्याओं का तुरंत समाधान कर आवश्यक निर्देश दिए।
सीएलजी सदस्यों से की चर्चा
इस मौके पर आईजी ने सीएलजी सदस्यों की बैठक लेकर जिले में अपराधों की रोकथाम पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सीएलजी सदस्य हर संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। आपसी मारपीट-झगड़े के मामलों में दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावनाएं तलाशें। ताकि पुलिस तक पहुंचने से पहले मामले सुलझने से लोगों में आपसी मनमुटाव ना हो। इस मौके पर सीएलजी सदस्यों को सम्मानित भी किया गया। शाम को हुई सांस्कृतिक संध्या में पुलिसकर्मियों ने प्रस्तुतियां दी।