चूरू. विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो एक्ट न्यायालय चूरू राजेंद्रकुमार सैनी ने गुरुवार को नाबालिग से सामूहिक बलात्कार के एक मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को आजीवन कारावास व एक लाख रुपए के अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
प्रकरण के मुताबिक कक्षा 12 वीं की पीडि़ता छात्रा 10 सितंबर 2014 को अपने गांव की स्कूल में जा रही थी। इस दौरान उसकी ही कक्षा में पढऩे वाला सहपाठी मिला। आरोपी नाबालिग सहपाठी ने पीडि़ता से कहा कि तुम्हारे पिता का एक्सीडेंट हो गया है। उन्हें उपचार के लिए पिलानी ले गए हैं, तुम्हें वहां बुलाया है।
पीडि़ता बहकावे में आकर उसके साथ पिलानी चली गई। वहां उन्हें गांव रूपपुरा पीएस सूरजगढ़ तहसील चिड़ावा जिला झुंझुनूं निवासी आरोपी प्रमोद मिला। दोनों आरोपी पीडि़ता को अस्पताल की बजाय एक मकान में ले गए। मकान पर पहुंचकर आरोपियों ने दरवाजा बंद कर लिया। पूछने पर कहा कि तुम्हारे पिताजी के एक्सीडेंट की बात झूठी है। हम बहला-फुसलाकर तुम्हें यहां लाए हैं। फिर दोनों ने यहां पीडि़ता से बारी-बारी से बलात्कार किया।
किसी को घटना के बारे में बताने पर पिता व पीडि़ता को जान से मारने की धमकी देकर वापस गांव लाकर छोड़ दिया। घटना से घबराई पीडि़ता ने तुरंत इसके बारे में किसी को नहीं बताया। बाद में छह-सात दिन बाद अपने पिता के साथ थाने जाकर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।
पुलिस ने मामले की जांच कर कोर्ट में चालान पेश कर दिया। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों का गहन अवलोकन कर दोष सिद्ध होने पर आरोपी प्रमोद को आजीवन कारावास व एक लाख रुपए के अर्थदंड की सजा से दंडित किया। मामले में पीडि़त पक्ष की ओर से पैरवी एडवोकेट गोपाल प्रसाद शर्मा ने की।