बाड़मेर पुलिस की डीएसटी टीम ने सोमवार देर रात तीन जिलों के 12 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार के साथ झारखंड के नक्सली इलाके से आई डोडा पोस्त की एक बड़ी खेप जब्त करने में कामयाबी हासिल की है। डीएसटी टीम ने ट्रक में भरे 191 कट्टों से करीब 6.60 करोड़ रुपए कीमतन 44 क्विंटल अवैध डोडा पोस्त जब्त किया है। टीम ने ट्रक से इनामी आरोपी के अलावा ट्रक के मालिक को दबोच लिया है। वहीं डोडा पोस्त की आपूर्ति बाड़मेर, बालोतरा व जालोर जिलों के सीमावर्ती गांवों में की जानी थी। पुलिस ने इस मामले में डोडा पोस्त की खेप मंगवाने वाले तस्कर व ट्रक को एस्कॉर्ट करने वाले तस्कर को नामजद कर तलाश शुरू कर दी।
कल्याणपुर में मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मंगलवार को कल्याणपुर थाने पहुंचे पूरे मामले की जानकारी लेने के साथ कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की। पचपदरा वृत्ताधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की बारीकी से जांच करेगी। आईजी जयनारायण शेर ने बताया कि बाड़मेर पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद के निर्देशन में डीएसटी टीम तीन जिलों में ट्रैक्टर चोरी के मामलों में वांछित 12 हजार रुपए के इनामी आरोपी देवाराम पोषाल (शिव) की गिरफ्तारी के लिए पिछले कई दिनों से लगी हुई थी। इसी दौरान आरोपी के बारे में सूचना संकलन के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी देवाराम इन दिनों ट्रैक्टर चोरी के बजाय मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त है। इस पर टीम ने लगातार आरोपी देवाराम की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। डीएसटी टीम को सोमवार को सूचना मिली कि आरोपी देवाराम एक ट्रक में एक अन्य साथी के ट्रक में डोडा पोस्त लेकर आ रहा है। इस पर डीएसटी टीम व कल्याणपुर थाना पुलिस ने कल्याणपुर थाने के पास संयुक्त नाकाबंदी कर ट्रक रुकवाया और उसमें सवार पोषाल (शिव) निवासी
देवाराम पुत्र भानाराम व ट्रक मालिक खोखा (बागोड़ा, जालोर) निवासी प्रकाश पुत्र मोडाराम को दस्तयाब किया। ट्रक की तलाशी ली तो कट्टों में 44 क्विंटल अवैध डोडा पोस्त भरे हुए थे, जिन्हें जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने डोडा पोस्त की खेप मंगवाने वाले तस्कर हड़मान पुत्र जालाराम निवासी खारी, जालोर व ट्रक को एस्कॉर्ट कर रहे आरोपी प्रकाश पूनिया पुत्र नाथूराम निवासी लापून्दड़ा, गिड़ा को मामले में नामजद किया है, जिनकी तलाश की जा रही है। आरोपी देवाराम के खिलाफ पूर्व में चोरी के 5 मामले दर्ज हैं।
ज्यादा यातायात दबाव वाले चुनते थे रास्ते
डोडा पोस्त के तस्कर झारखंड से ट्रक में अवैध डोडा पोस्त भरने के बाद वे अधिकतर रास्ता एक्सप्रेस-वे से ही तय करते थे, क्योंकि एक्सप्रेस-वे पर यातायात दबाव अधिक होने के कारण वाहनों की जांच न के बराबर होती है, ताकि वे आसानी से बेरोकटोक रास्ता तय सकें। आरोपी आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे और स्वर्णिम चतुर्भुज एक्सप्रेस वे के जरिये आगरा तक पहुंच जाते थे। इसके बाद भरतपुर सीमा से राजस्थान में प्रवेश कर आगरा-जयपुर एक्सप्रेस वे से जयपुर पहुंच जाते थे। इसके बाद वे निगरानी के लिए आगे एस्कॉर्ट रख कर अजमेर व जोधपुर होते हुए आते थे।
ये रहे टीम में शामिल
डोडा पोस्त की खेप पकड़ने के लिए गठित टीम में बाड़मेर ग्रामीण थानाधिकारी सवाईसिंह, कल्याणपुर थानाधिकारी गीता चौधरी व डीएसटी टीम के एएसआइ अमीन खां, हैड कांस्टेबल मेहाराम, भूपेंद्रसिंह, शिवरतन, नींबसिंह, किशोर, लुंभाराम, मालाराम, कमांडो दिनेश, कमांडो डामराराम, व चालक स्वरूपसिंह आदि शामिल थे।