दौसा. देवनगरी दौसा के अमरेश्वरम् महादेव मोड़ा रायपुर बालाजी मंदिर में महाशिवरात्रि पर सातवें पाटोत्सव महोत्सव व 251 कुण्डीय महायज्ञ का आगाज गुरुवार को विशाल कलश यात्रा से हुआ। भक्ति संगीत की धुनों व जयकारों से माहौल धर्ममय हो गया। यात्रा पर ड्रोन से पुष्पवर्षा भी की गई।
सुबह सैंथल मोड़ स्थित दुर्गा मंदिर पर विधि विधान से मंत्रोच्चार के साथ ध्वज पूजन किया गया। इसके बाद कलश यात्रा गाजे-बाजे के साथ रवाना हुई। विभिन्न मार्र्गों से होते हुए यात्रा मोड़ा रायपुर बालाजी मंदिर पहुंची। यात्रा में 2100 कलश सिर पर लेकर महिलाएं मौजूद रही। इसके अलावा सैकड़ों श्रद्धालु ध्वज लेकर नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने फूलबंगला झांकी के दर्शन किए तथा पंगत प्रसादी ग्रहण की। मंदिर के एकतरफ के पांडाल में श्रीरूद्र महायज्ञ की शुरुआत हुई। साथ ही मंदिर परिसर में भजन कार्यक्रम हुआ। इसमें एक से एक बढ़कर भजनों की प्रस्तुति दी, जिन पर श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। इस दौरान बालाजी, रामदरबार, शिव पंचायत की आकर्षक झांकी सजाई गई।
संत अमरीष दास त्यागी के शिष्य बलरामदास त्यागी ने बताया कि शुक्रवार को सर्वेशुद्धि महास्नान, दीक्षा मण्डपस्थ देव पूजन, अग्नि प्राकाट्य स्वाहाकर आदि होंगे। 18 फरवरी को महाशिवरात्रि पर पूर्णाहुति के बाद अमरेश्वरम् महादेव का रुद्राभिषेक किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 1.15 बजे से भंडारे में पंगत प्रसादी का आयोजन होगा।