
आईएएस सौम्या झा और उनके पति आईएएस अक्षय गोदारा। फोटो: पत्रिका
दौसा। राजस्थान सरकार ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 65 आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए है। आईएएस अधिकारी सौम्या झा की एक बार फिर बतौर कलक्टर फील्ड में वापसी हुई है। साल 2017 बैच की तेजतर्रार अधिकारी टोंक में समरावता कांड और थप्पड़ कांड के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर सुर्खियों में आई थी।
सौम्या झा को अब दौसा का नया कलक्टर बनाया गया है। डॉ. सौम्या झा इससे पहले चिकित्सा विभाग में निदेशक पद पर कार्यरत थीं और प्रशासनिक अनुभव के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र की भी गहरी समझ रखती हैं। वहीं, उनके पति आईएएस अक्षय गोदारा को करौली का नया जिला कलक्टर नियुक्त किया गया है।
डॉ. सौम्या झा को दौसा का नया जिला कलक्टर बनाया गया है। दौसा जिले में वर्तमान कलक्टर देवेंद्र कुमार को नागौर जिले का कलक्टर बनाया गया है। इससे पहले सौम्या झा चिकित्सा विभाग में निदेशक पद पर कार्यरत थी। दौसा में सौम्या झा की नियुक्ति से प्रशासनिक कार्यों में नई गति आने की उम्मीद है।
मूल रूप से मध्यप्रदेश की रहने डॉ. सौम्या झा साल 2017 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 58वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनी थी। शुरुआत में उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर मिला था, लेकिन आईएएस अक्षय गोदारा से शादी के बाद सौम्या झा ने अपना कैडर राजस्थान करवा लिया था। वे पहले टोंक जिले की कलेक्टर रह चुकी हैं, जहां उनके कार्यकाल को प्रभावी माना गया था। उनके कार्यकाल के दौरान समरावता कांड और थप्पड़ कांड हुआ था, जिसने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया था। ऐसे में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर सौम्या झा चर्चाओं में आई थी।
कैडर परिवर्तन के बाद सौम्या ने राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद जयपुर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में सेवाएं दी। इसके अलावा गिर्वा और उदयपुर में एसडीएम के रूप में भी सेवाएं दी। साथ ही मुख्य कार्यकारी अधिकारी-सह-एडीपीसी, ईजीएस और पदेन मुख्य परियोजना अधिकारी (माडा), टोंक के पद पर भी रही।
राजस्थान सरकार ने अक्षय गोदारा को करौली का नया जिला कलक्टर नियुक्त किया है। वहीं, करौली कलक्टर रहे नीलाभ सक्सेना को जयपुर में आयुक्त उद्योग वाणिज्य एवं कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के साथ-साथ आयुक्त, नियोजन एवं प्रवासी भारतीय निवेश संवर्धन ब्यूरो की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले अक्षय गोदारा बूंदी में जिला कलक्टर के पद पर कार्यरत थे।
अक्षय गोदारा पाली जिले के भाखरीवाला गांव के रहने वाले हैं। वे पहले ही प्रयास में यूपीएससी में 603वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बने। इसके बाद दूसरे प्रयास में 2017 में 40वीं रैंक लाकर आईएएस बने और उन्हें राजस्थान कैडर मिला। अक्षय गोदारा ने भरतपुर में असिस्टेंट कलक्टर के रूप में प्रशासनिक सेवा की शुरुआत की। फिर 2019 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली में सहायक सचिव रहे। इसके बाद अजमेर, मावली और झाड़ोल में एसडीएम रहे। वे अजमेर विकास प्राधिकरण के आयुक्त भी रहे। इसके बाद कलक्टर के रूप में पहली पोस्टिंग बूंदी में मिली थी। अब उन्हें करौली जिले की कमान सौंपी गई है।
Published on:
01 Apr 2026 02:27 pm
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