दौसा. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से जिले में दसवीं कक्षा की परीक्षा 165 केन्द्रों पर सुबह 8.30 से 11.45 बजे तक आयोजित की गई। पहले दिन अंग्रेजी अनिवार्य विषय की परीक्षा थी। कई विद्यार्थियों के पेपर देख पसीने आ गए तो कइयों ने आसानी से हल कर लिया। बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर दौसा जिला अतिसंवेदनशील है। ऐसे में यहां नकल पर लगाम लगाना शिक्षा अधिकारियों के लिए चुनौती है। जिले में 4 संवेदनशील तथा 5 अतिसंवेदनशील केन्द्र बनाए गए हैं। इन केन्द्रों पर सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है।
दौसा जिले में 165 परीक्षा केंद्रों पर जिले में 30 हजार 927 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा में नकल पर नजर रखने के लिए 7 फ्लाइंग टीम बनाई गई हैं। इसमें डीईओ (माध्यमिक) के स्तर पर 3, बोर्ड की 2 और 1-1 टीम अजमेर बोर्ड व जेडी की है। केंद्रों पर सीसीटीवी, वीडियोग्राफी आदि की भी व्यवस्था की गई है। संवेदनशील सेंटर में राउमावि मंडावरी, राबाउमावि सिकंदरा, राउमावि समलेटी व राउमावि उदयपुरा है। राउमावि सिकंदरा, राउमावि खोहरामुल्ला, राउमावि पावटा, राउमावि बड़ागांव खेड़ला व राउमावि सांथा अतिसंवेदनशील सेंटर है। इनके अलावा न्यू सुबोध गोपालपुरा व सनातन धर्म राउमावि लालसोट में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
सुरक्षा की दृष्टि से परीक्षा केन्द्रों के समीपवर्ती थानों में प्रश्न पत्र रखे गए हैं। परीक्षा से पूर्व पेपर थानों से केन्द्र पर लाकर सीलबंद लिफाफे को खोला गया। सभी केन्द्रों पर हर गतिविधि की वीडियोग्राफी की गई। केन्द्र में स्टाफ को भी मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। उडऩदस्तों की टीम केन्द्रों पर जांच करने पहुंची। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक घनश्याम मीना ने बताया कि पहले दिन नकल को कोई केस नहीं बना।