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टारगेटेड केसों को लेकर बोले राजस्थान हाईकोर्ट जज, लंबे समय तक उचित नहीं… व्यक्तिगत जीवन प्रभावित न हो
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टारगेटेड केसों को लेकर बोले राजस्थान हाईकोर्ट जज, लंबे समय तक उचित नहीं… व्यक्तिगत जीवन प्रभावित न हो

दौसा. जिला अभिभाषक संघ दौसा की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार को आयोजित हुआ। इसमें दौसा बार अध्यक्ष कुंजबिहारी शर्मा की ओर से उठाए गए टारगेटेड केसेज के मामले को लेकर मुख्य अतिथि राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश उमाशंकर व्यास ने कहा कि उन्होंने भी लंबे समय तक न्यायिक अधिकारी के रूप में जमीनी स्तर पर काम किया है। ऐसे में अधिवक्ताओं की समस्याएं अच्छे से पता है। न्यायिक अधिकारी भी अतिरिक्त समय देकर टारगेटेड केसों को निपटा रहे हैं। व्यास ने कहा कि उनका व्यक्तिगत रूप से मानना है कि लंबे समय तक यह उचित नहीं है। इसमें भले ही 5-10 प्रतिशत की कमी हो जाए, लेकिन आपस में एक सामंजस्य बना रहे और न्यायिक अधिकारी की भी व्यक्तिगत जीवन भी बहुत विपरीत रूप से प्रभावित नहीं हो। अधिवक्ताओं पर भी अनावश्यक दबाव नहीं रहे। काम तो काम के हिसाब से ही होगा। कभी-कभी समस्याएं आती है। व्यक्तिगत समस्याएं हैं, सामाजिक संबंध भी हैं। दौसा में बार-बैंच के बीच अच्छे भाव से कार्य हो रहा है। इसका परिणाम है कि दौसा जिला सर्वप्रथम रहा है। दूसरे-तीसरे नंबर पर भी आ जाए, लेकिन सामंजस्य बना रहे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम सतत रहता है तो बड़ी कीमत नहीं चुकाई जा सकती।

व्यास ने कहा कि चुनौतियों के बीच बार-बेंच और कर्मचारियों में समन्वय रहता है तो तनाव कम होता है। संसाधनों की कमी के बीच न्याय के लिए प्रतीक्षा में रहने वाले वर्ग को त्वरित और सस्ता न्याय मिलें, इसके लिए सभी प्रयासरत हैं।