
पुण्यसगर महाराज ने कहा
वातसल्य 1008 पुण्यसगर महाराज का चातुर्मास नगर प्रवेश 22 को
हुब्बल्ली. दिगंबर जैन संत वातसल्या 1008 पुण्यसगर महाराज ने कहा कि आज के दौर में बच्चों को संस्कारी बनाना बेहद जरूरी है।
शहर के महावीर गली स्थित शांतिनाथ भवन में विराजित पुण्यसगर महाराज ने कहा कि आज के बच्चे, युवा पीढ़ी नशा, मोबाइल, टीवी, बुरी लतों, बुरी संगत में पड़े हैं। इससे उनका जीवन बर्बाद हो रहा है। बच्चे घर पर अपने माता-पिता की बात नहीं मान रहे हैं। चातुर्मास का यह समय बच्चों, युवाओं को सुसंस्कारी बनाने के लिए उपयुक्त है। चातुर्मास के दौरान बच्चों को अच्छे संस्कार, धर्म कर्म सिखाया जाता है।
उन्होंने कहा कि जैन समाज के युवक युवतियों के लिए धार्मिक शिक्षा बेहद जरूरी है। सरकारी स्कूलों में सभी बच्चों को अंडा दिया जाता है। इससे समाज के बच्चों दूर रहने की शिक्षा देनी चाहिए। खाने में सादा भोजन, गरिष्ठ भोजन का त्याग, आलू, प्याज, लहसुन, अदरक का उपयोग नहीं करने, बीज, पंचमी, अष्टमी, एकादशी, चतुर्दशी तिथि पर श्रावक-श्राविकाओं को हरी सब्जी-फलों का पूर्ण त्याग करने समेत धर्मिक आचरण की शिक्षा देना जरूरी है। चातुर्मास में आत्मकल्याण की शिक्षा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि चार माह धर्म अनिवार्य करना है, बच्चे सुधरना चाहिए। एकेन्द्रीय से पंसन्दीय का हित होना चाहिए। सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
चातुर्मास नगर प्रवेश 22 को
दिगंबर जैन संत वातसल्य 1008 पुण्यसगर महाराज का चातुर्मास नगर प्रवेश 22 जुलाई को होगा। 22 जुलाई को दोपहर 2 बजे महावीर गली स्थित शांतिनाथ भवन से शहर के प्रमुख मार्गों से गाजे-बाजे के साथ स्टेशन रोड स्थित दिगंबर जैन बोर्डिंग तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। 28 जुलाई से चातुर्मास शुरू होगा। प्रतिदिन दोपहर को प्रवचन होगा।
फिलहाल पुण्यसगर महाराज शांतिनाथ भवन आठ दिवसीय सिध्दचक्र पूजा विधि अनुष्ठान कर रहे हैं, जिसमें दो सौ से भी अधिक श्रावक-श्राविकाएं धार्मिक अनुष्ठान में जुटे हैं।