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डूंगरपुर

विवाहिता से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल का कारावास

डूंगरपुर. विवाहिता से दुष्कर्म के मामले में एक आरोपी को विशिष्ट न्यायालय लैङ्क्षगक अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम 2012 के पीठसीन अधिकारी ने 10 साल के कठोर कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई।

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डूंगरपुर. विवाहिता से दुष्कर्म के मामले में एक आरोपी को विशिष्ट न्यायालय लैङ्क्षगक अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम 2012 के पीठसीन अधिकारी ने 10 साल के कठोर कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई।
विशिष्ट लोक अभियोजक योगेश जोशी ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के एक गांव के युवक ने 8 अक्टूबर 20 को रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि प्रार्थी की पत्नी तीन सितम्बर 20 को ऑटो रिक्शा में बैठ कर पुराना बस स्टैण्ड बैक के समीप उतरी थी। इस दौरान आरोपी नाथू व उसका एक साथी दोनों ऑटो रिक्शा में बैठकर आए और पीडि़ता को जबरन रिक्शा में बैठाकर आसेला माइंस पर ले गए। वहां उससे चाकू की नोंक पर दुष्कर्म किया। उक्त रिपोर्ट पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान के बाद आरोपी नाथू के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने तथा साक्ष्यों का अवलोकन करने के पश्चात बोरी केतन फला निवासी नाथू उर्फ नाथूलाल पुत्र शंकरलाल को दोषी करार देते 10 साल के कठोर कारावास तथा एक लाख 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
किशोरी को बंधक बनाने के आरोपियों को तीन साल की कैद
डूंगरपुर. विशिष्ट न्यायायल लैङ्क्षगक अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम 2012 के पीठसीन अधिकारी ने किशोरी को जबरन विवाह करवाने के लिए बंधक मनाने के मामले में तीन आरोपियों को तीन साल का कारावास व जुर्मान से दण्डि़त किया।
विशिष्ट लोक अभियोजक योगेश जोशी ने बताया कि सदर थाना क्षेत्र के एक गांव में एक किशोरी को उसकी भाभी 19 मार्च 2003 मजदूरी करने अहमदाबाद ले गई। वहां पर भाभी अभियुक्त दिनेश के पास उसे छोड$कर वापस गांव आ गई। वह पीडि़ता को अपने गांव गलियाकोट ले गया। घर पर अभियुक्त की पत्नी व दो बच्चे थे। पति- पत्नी दोनों ने पीडि़ता को 20 दिन तक अपने घर रखा। इसके बाद दोनों उसको मोरबी ले गए। वहां पर दोनों ने पीडि़ता को टाइल्स की फैक्ट्री में काम करवाते थे और उसके बेटे सूरज के साथ शादी नहीं करने पर जान से मार देने की धमकी देकर मारपीट करते थे। पीडि़ता एक दिन मौका देखकर वहां से भाग कर अपने घर आई और अपने मां व भाई को मामले की जानकारी दी। परिजन पीडि़त को लेकर सदर थाना आए और रिपोर्ट दी। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया।
पुलिस ने जीवा उर्फ दिनेश, लक्ष्मी उर्फ शारदा व रेखा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अनुसंधान के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। इसपर पीठासीन अधिकारी ने बामणिया माली फला निवासी जीवा उर्फ दिनेश पुत्र वरसेंग, लक्ष्मी उर्फ शारदा पत्नी काउड़ा व तिजवड़ डाउवा फला निवासी रेखा पत्नी अमरा को तीन-तीन साल का कठोर कारावास व 15-15 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।