डूंगरपुर. वर्ष 2013-14 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में सचिव रहते हुए डंूगरपुर जिले को मेडिकल कॉलेज की सौगात दिलाने वाले डूंगरपुर मूल के सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी तथा केरल के मुख्य सूचना आयुक्त डा. विश्वास मेहता बुधवार को एक दिवसीय यात्रा पर डूंगरपुर आए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज और अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। साथ ही कुछ निजी कार्यक्रमों में भी शिरकत की। इस दौरान डा. मेहता ने पत्रकारों से बातचीत में डूंगरपुर में मेडिकल कॉलेज स्थापना पर स्मृतियां साझा की।
डा. मेहता: डूंगरपुर मेरी मातृ भूमि है। जब डूंगरपुर में मेडिकल कॉलेज सेन्शन हुआ, तब मैं पहली बार सुख की नींद सोया। क्योंकि इसकी स्वीकृति के दौरान कई विपरित परिस्थितियां बनी। एकबारगी तो डूंगरपुर के हाथ से यह छिटकता भी नजर आया, उसे वापस लाने में मुझे काफी मशक्कत करनी पड़ी। जिस दिन डूंगरपुर के लिए इसकी स्वीकृति जारी हुई, तब लगा कि मेरा आइएएस होना सार्थक हो गया और अब अगर मैं सेवानिवृत्त हो जाऊं या रिजाइन भी कर दूं तो मुझे कोई गम नहीं। मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद मैं पहली बार आया हूं। जैसे एक बच्चा जन्म लेता है, वह जैसे-जैसे बड़ा होता है, चलना शुरू करता है, तो पिता को जो अनुभव होते हैं, वह शब्दों में बयां नहीं कर सकता। ऐसी ही स्थिति मेरी भी है।