डूंगरपुर. उदयपुर अहमदाबाद आमान परिवर्तन के बाद दक्षिणी राजस्थान के डूंगरपुर जिले के लिए लाइफ लाइन बनती जा रही रेलवे लाइन असारवा से डूंगरपुर और डूंगरपुर से असारवा से शुरू हुई डेमू टे्रन के बाद अब शनै-शनै रेलों के फेरे बढ़ते जा रहे हैं और अब डूंगरपुर से कोटा, उदयपुर, जयपुर सहित अन्य राज्यों से भी हमारी कनेक्टिविटी बढ़ी हैं। रेलों के फेरे बढऩे के साथ ही हर रोज हजारों यात्री रेल सेवा का लाभ ले रहे हैं। यात्री भार बढऩे के साथ ही क्षेत्रवासियों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं। लम्बे समय से डूंगरपुर से मुम्बई, सूरत और बड़ौदा के लिए सीधे टे्रन की मांग चली आ रही है। इसी बीच नई दिल्ली में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने दादर-अहमदाबाद सुपर फास्ट ट्रेन का उदयपुर तक मई में एक्सटेंशन करने का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि यह मुद्दा राजस्थान पत्रिका लम्बे समय से उठाता आ रहा है। वागड़ के लोगों का मुम्बई से सीधा जुड़ाव है। यहां के अधिकांश लोग रोजगार एवं शिक्षा की ²ष्ट्रि से मुम्बई में कार्यरत हैं। ऐसेे में नियमित बड़ी संख्या में यात्री भार बसों एवं निजी वाहनों में मुम्बई जा रहा है।
रेल मंत्री के आश्वासन से बंधी आस
नई दिल्ली में गत दिनों रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया सहित उदयपुर शहर के विधायक ताराचंद जैन और उदयपुर के नगर निगम महापौर गोङ्क्षवद ङ्क्षसह टांक ने मुलाकात की। इस दौरान कटारिया ने रेलमंत्री से कहा कि अहमदाबाद से उदयपुर वाया डूंगरपुर तक ट्रेन चलने के बाद से वागड़-मेवाड़ से हर माह लाखों यात्री सफर कर रहे हैं। इस रूट की ट्रेन को मुंबई तक जोड़ा जा सकता है। दादर-अहमदाबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन अहमदाबाद स्टेशन पर 17 घंटे खड़ी रहती है। ऐसे में इस टे्रन को उदयपुर तक बढ़ाया जाने से यात्रियों को लाभ होगा। इस पर रेलमंत्री ने कहा कि इस रूट पर विद्युतीकरण का काम शेष है। यह काम अप्रेल में पूरा होगा। मई माह से इस ट्रेन का रूट उदयपुर तक बढ़ा दिया जाएगा। रेलमंत्री वैष्णव ने शीघ्र ही उदयपुर-अहमदाबाद वाया डूंगरपुर रूट पर वंदेभारत ट्रेन चलाने का भी आश्वासन दिया।
मुम्बई से कनेक्टिविटी जरूरी
आमान परिवर्तन का कार्य 14 जनवरी 2022 में पूरा होने के साथ ही डूंगरपुर से असारवा तक के ट्रेक तक ट्रेनों के दौडऩे का क्रम शुरू हुआ। इसके बाद उदयपुर से अहमदाबाद तक भी ट्रेन दौड़ी। अब डूंगरपुर का कनेक्शन सीधे बड़े शहरों से हो गया है। लेकिन, दो वर्ष उपरांत भी डूंगरपुर मुम्बई और बड़ौदा से नहीं जुड़ पाया है। इससे डूंगरपुर सहित वागड़ और आसपास के यात्रियों को उदयपुर या अहमदाबाद जाकर नई टे्रन पकडऩी पड़ती है।
एक लाख से अधिक लोग रहते हैं…
डूंगरपुर सहित आसपास के क्षेत्र से दो से ढाई लाख लोग रोजगार और उच्च शिक्षा के ध्येय से गुजरात के अहमदाबाद और छोटे बड़े कस्बों के साथ ही महाराष्ट्र और बड़ौदा में रोजगाररत हैं। मोटा-मोटा करीब एक लाख लोग महाराष्ट्र एवं आसपास के क्षेत्रों में काम करते हैं। उनका और उनके परिजनों का जाना आना लगा रहता है। ऐसे में इस क्षेत्र की मुम्बई से जुड़ाव की लम्बे समय से मांग चली आ रही है। दादर मुम्बई तक ट्रेन शुरू होने सूरत और बड़ौदा तक जाने वाले यात्रियों को भी काफी सुविधा होगी।
नियमित चलती हैं बसे ओवर-लोड
जिला मुख्यालय सहित सागवाड़ा क्षेत्र से मुम्बई के लिए नियमित ट्रॉवेल्स चलती हैं और यह नियमित अच्छी खासी सवारियों के साथ चलती हैं। त्योहारी सीजन में यात्रियों को बस में टिकट के लिए दो-दो दिन का इंतजार भी करना पड़ता है। वहीं, डूंगरपुर से सूरत और बड़ौदा के लिए डूंगरपुर डिपो की कोई रोडवेज गाड़ी नहीं है। अन्य डिपो की बसे यहां आती हैं। वह पहले से ही भर कर आती हैं।