
फर्रुखाबाद. पांचाल घाट के स्वर्ग धाम में जब एक बेटी ने अपने पिता का अंतिम संस्कार किया तो मौके पर मौजूद लोगों की आंखों में आंसू भर आये। बेटी पूजा ने पिता को मुखाग्नि दी तो न सिर्फ परम्परायें टूटीं, बल्कि बेटे-बेटियों में फर्क करने वालों को बड़ी नसीहत भी मिल गई। पूजा ने कहा कि वह बेटे की तरह परिवार की जिम्मेदारी का निर्वाहन करेगी।
बीमारी के चलते मऊ थाना क्षेत्र के धारानगरी गांव निवासी सुभाष जाटव की मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी प्रेमलता इस बात से परेशान थीं कि पति की चिता को मुखाग्नि कौन देगा? क्योंकि उनकी तीनों औलाद बेटियां ही हैं, बेटा नहीं। मृतक की बड़ी बेटी पूजा, जिसका विवाह दिल्ली निवासी एक युवक से हुआ था, वह अब मुम्बई में नौकरी कर रहा है। पिता की मौत खबर सुनकर बेटी मायके पहुंची और पांचाल घाट पर पहुंचकर उसने बेटे का फर्ज निभाया। पूजा ने गंगा नदी के किनारे गांववालों की मदद से पिता की चिता तैयार कराई और फिर अपने हाथों से उन्हें मुखाग्नि दी।
बेटे की तरह निभाउंगी परिवार का जिम्मा
मृतक की बेटी पूजा ने रोते हुए बताया कि उसकी दो छोटी बहनें जूली उर्फ जाग्रति और नेहा हैं। उनकी पढ़ाई लिखाई का जिम्मा वह बड़ी बेटी नहीं, बल्कि बेटे की तरह निभाउंगी।