
राजेश सिंह की रिपोर्ट…
फतेहपुर. बीजेपी सरकार भले ही सबका साथ सबका विकास की बात कर रही हो लेकिन फ़तेहपुर जिले में 178 साल पुराने मशीही समुदाय के चर्च की बेशुमार कीमती जमीन को दबंग भूमाफियों ने कौड़ियों के दाम खरीद लिया। जब मशीही समुदाय के लोगो को इसकी भनक लगी तो वो अवाक रह गए। चर्च की जमीन को सुरक्षित रखने के लिए प्रार्थना सभा भी की साथ ही जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। प्रकरण की गम्भीरता को देख डीएम ने पूरे मामले में जांच के आदेश दिये हैं।
जी हां जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के देवीगंज -इलाके में 178 साल पुराने इस चर्च में मशीही समुदाय के लोग प्रार्थना करते हैं। हर रोज होने वाली इस प्रार्थना अब चर्च में लगी बेशुमार कीमती जमीन को सुरक्षित रखने लिए प्रार्थना की जा रही है।
दरअसल चर्च की इस जमीन को हरियाणा प्रान्त अम्बाला निवासी राजन रविन्द्र दत्ता जोसेफ विलयम ने शहर के कुछ नामी गिरामी भूमाफियों से गहरी साठ गांठ करके कुल रकवे करीब 11 बीघे में से चार बीघे जमीन 17 जुलाई को बेच डाला। चर्च के कर्ताधर्ताओ की मानें तो बैनामा करने वाले शख्स के पास जमीन को बिक्री करने का कोई भी अधिकार नही है। बल्कि ये एक संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य है जो कि कई स्थानों में चर्च की बेशुमार कीमती जमीनों को भूमाफियों से मिलकर बेचने का काम कर रहा है। इसके खिलाफ झांसी में भी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज। उसके बावजूद भी कोई कार्यवाही नही हो पा रही है।
इनका ये भी आरोप है कि दशकों वर्ष पुराना यह चर्च देश की आजादी के बाद इंडियन प्रेस बिटेरियन के नाम से पंजीयन हुआ था तब से बकायदे सभी दस्तावेजो में नाम दर्ज दर्ज है। लेकिन अब फर्जी तरीके से जमीन का बैनामा भूमाफियों के द्वारा करा लेने से मशीही समुदाय में आक्रोश है और वो किसी भी हद तक लड़ाई लड़ने में के लिए तैयार है । मशीही समुदाय की इस जमीन के मामले को लेकर जिले के डीएम की मानें तो पूरे मामले की जांच कराई जा रही जांच के बाद दोषी जनों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।