
गाजीपुर. मॉरीशस के पूर्व उपराष्ट्रपति अब्दुल रऊफ बंधन शुक्रवार को गाजीपुर जिला स्थित अपने पैतृक गाँव नवली पहुंचे। गाजीपुर आये अब्दुल रऊफ बंधन का जिले में जोरदार स्वागत किया गया। चार दिन के प्रवास पर पूर्व उपराष्ट्रपति के साथ उनकी पत्नी आसमां बेबी व पुत्र जैद भी आये हुए हैं। बतादें कि सुरक्षा की दृष्टिकोण से उनका कार्यक्रम पूरी तरह से गोपनीय रखा गया था। जैसे ही शुक्रवार की सुबह उनके आने की जानकारी हुई, लोग खुशी से झूम उठे। गांव में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। साथ ही वित्त मंत्री अरूण जेटली के बजट को भी साहसिक बताया। वहीं दूसरी ओर सड़कों की बदहाली का जिक्र करते हुए भेजपुरी में कहा 22 किमी की यात्रा तय करने में दो घंटे लग गए। यहां सड़कों की हालत बेहद खराब है। जबकि विकास के लिए सड़कों का अहम योगदान होता है।
उन्होंने कहा कि एक दिन भारत चाईना से हर क्षेत्र में आगे होगा। और एक दिन विश्व की महाशक्ति जरूर बनेगा। भारत एक बहुत बड़ा मुल्क है इंसा अल्लाह दुआ करता हूं कि देश हमेशा प्रगति करे और देश वासी हमेशा खुश रहे। उन्होंने कहा मॉरीशस में 70 फीसदी आबादी भारतीय मूल के लोगों की है। जिनकी संस्कृति रहन सहन भारत की तरह है। शिक्षा और चिकित्सा का जिक्र करते हुए कहा कि मॉरीशस में यह दोनों ही फ्री है।
मालूम हो की अब्दुल रऊफ बंधन मॉरीशस के स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी भी रह चुके है। वह मॉरीशस की नेशनल असेंबली में सदस्य रहने के साथ ही युवा और खेल मंत्री रहे। तो वही 1969 में उन्हें सेवुओसगुर रामगुलाम द्वारा संसदीय सचिव नियुक्त किया था। इसके बाद 1976 में वह मॉरीशस के ऊर्जा मंत्री भी रहे। पूर्व उपराष्ट्रपति अब्दुल रऊफ बंधन के दादा बुन्धु और दादी राजबासीय 1866 में मॉरीशस गए थे और वही बस गए। उन्होंने बताया कि वह सिविल सेवक के तौर पर भी कार्य कर चुके है। 2010 में उनकी जीवनी ऑन द विंग्स ऑफ़ डेस्टीन: ए राउफ बंधन, भिस्म देव सैबलक द्वारा लिखी गई। वह शनिवार को एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद वापस मॉरीशस के लिए रवाना हो जायेंगे। उन्होंने परिवारीजनों और ग्रामीणों को मॉरिशस आने का न्योता दिया।