Alok Tripathi
गाजीपुर. आस्था का महापर्व छठ बिहार के साथ ही पूरे पूर्वांचल में धूमधाम से मनाया जाता है। चार दिन का य पर्व पहले दिन नहाए-खाए से आरंभ होकर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर खत्म होता है। इस पर्व में व्रती महिलाएं पूजा के लिए पूजन सामाग्री के साथ-साथ फल, नारियल, दौरा और सूप आदि खरीदती है। इन समाग्री को बेचने के लिए जगह जगह दुकाने सजी हुई हैं और खरीददार अपनी जरूरत के अनुसार समान खरीदते नजर आ रहे हैं, लेकिन आस्था के इस पर्व पर जीएसटी की वजह से छाई महंगाई का असर भी देखने को मिल रहा है।
आस्था के पर्व के लिए समानों की खरीददारी कर रही कुछ महिलाओँ से बातचीत की तो उनके दिल का दर्द कैमरे पर छलकता नजर आया। इस दौरान श्याम दुलारी ने बताया कि इस बार छठ पूजा पर बिकने वाले सभी सामान पिछली बार की अपेक्षा काफी महंगे हो गए हैं। पहले केला 30 से 40 रूपए दर्जन के हिसाब में मिलता था अब 60 दर्जन के हिसाब से मिल रहा है। जो सेव पहले 70 से 80 रूपए किलो मिलते थे अब वो 180 रुपए किलो तक मिल रहे हैं। खदीददारी कर रही महिला छाया वर्मा ने बताया कि इस बार नोटबंदी और जीएसटी की वजह से सभी सामान महंगे हो गए हैं। लेकिन छठ पूजा करना है तो थोड़ा कम करके ही खरीददारी करनी पड़ रही है। क्या करें पूजा जो करना है। जो दौरा 80 रुपए तक की कीमत में पिछली बार मिलते थे लेकिन इस बार वो अब 120 से 140 रुपए प्रति पीस के हिसाब से मिल रहे हैं।
जिलाधिकारी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
इन महिलाओँ के द्वारा छठ पूजा गंगा घाटों पर किया जाएगा। जिलाधिकारी के.बाला जी ने गंगा घाटों की सफाई, सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं को स्वंय मौके पर जा कर देखा। इस दौरान उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।