
कानूनी तौर पर बच्चों के प्रति संवेदनशीलता बरतने, उनके अधिकारों को बताने, बाल अपराधों से संबंधित कानून की जानकारी के लिए यूनिसेफ की सहयोग से यूपी पुलिस/वीमेन पाॅवर लाइन द्वारा गोरखपुर जोन के पुलिसकर्मियों कोे प्रशिक्षित कर उनको कानूनी पेचिदगियों के बारे में भी समझाया गया।
गोरखपुर शहर में आयोजित इस एक दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ एडीजी गोरखपुर दावा शेरपा व एडीजी वीमेन पाॅवरलाइन अंजू गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया।
एडीजी दावा शेरपा ने कहा कि बच्चों के मामलों को हैंडल करते समय पुलिस को अत्यधिक संवेदनशीलता बरतने की जरूरत है। बच्चों से संबंधित कानून व व्यवस्थाओं को पुलिस को समझना चाहिए और उसको अक्षरशः लागू भी करना चाहिए।
एडीजी वीमेन पाॅवरलाइन अंजू गुप्ता ने प्रशिक्षण में मौजूद पुलिसवालों को उदाहरण सहित बच्चों से संबंधित विभिन्न प्रकरणों को बताते हुए कैसे क्या करना चाहिए यह समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे किन मामलों में पुलिस को क्या कदम उठाना चाहिए। उन्होंने आपरेशन मुस्कान, आॅपरेशन डिस्ट्राॅय व आत्मरक्षा के बारे में भी जानकारी दी।
प्रशिक्षण में मौजूूद पुलिसवालों व अन्य लोगों को किशार न्याय अधिनियम-2015, पाॅक्सो एक्ट 2012 के प्राविधानों के बारे में विस्तृत जानकारियां दी गई। किशोर न्याय अधिनियम के अलावा विभिन्न वैधानिक इकाईयां व उनके कार्य, स्पेशल किशोर पुलिस इकाई के कार्य, संरक्षण व देखभाल करने वाली इकाईयों से रूबरू कराया गया। कार्यप्रणाली समझाने के बाद अधिकारों को बताया गया।
इस दौरान एसएसपी शलभ माथुर, एसपी रेलवे पुलिस पुश्पांजलि सहित पुलिस के ढेर सारे आला अफसर मौजूद रहे।