
हमीरपुर. ज़िले में मासूम दलित बच्चों के साथ दबंगो द्वारा हैवानियत का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जिसमें बच्चो की पिटाई के बाद पेट्रोल डालने के साथ उनके प्राइवेट पार्ट पर ब्लेड से हमला भी किया गया है। हद तो तब हो गयी जब दबंगो के दबाव के आगे पुलिस शांत रही और पीड़ित इंसाफ के लिये दर-दर भटकने को मजबूर है।
दर्द से कराह रहे इन दोनों दलित मासूम बच्चों की आंखों से टपकते ये आंसू नहीं बल्कि उनकी पीड़ा है और इनके प्राइवेट पार्ट सहित पूरे बदन पर जख्मों के निशान, इनके साथ हुई दरिंदगी की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। पर पुलिस को इनके साथ हुई हैवानियत दिखाई नहीं दे रही है। नतीजतन ये मासूम इंसाफ के लिये भटकने को मजबूर हैं।
यह है पूरा मामला-
हमीरपुर ज़िले में सुमेरपुर थाने के भौरा गाँव के रहने वाले दलित किसान राम खिलावन के दो मासूम बच्चे 9 से दस साल के हैं। इन दोनों बच्चों को डीजे की चोरी के आरोप में गाँव के ही आधा दर्जन दबंग पकड़ कर ले गए थे और उन दबंगों ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए दोनों मासूमों को नदी के पानी में डुबाया, कुँए में लटकाया, उनके शरीर में पेट्रोल डाला। तब भी मन नहीं भरा तो ब्लेड से दोनों बच्चों के प्राइवेट पार्ट सहित जिस्म में कई जगह वार कर लहू लुहान कर दिया। पीड़ित बच्चों का पिता दोनों बच्चों को साथ लिए दर दर भटक रहा है पर दबंगों के रसूख के आगे पुलिस खामोश बैठी है।
एक हफ्ते से पिता मांग रहा इंसाफ-
मासूम दलित बच्चों से हैवानियत की यह घटना 20 अप्रैल की है और आज 27 अप्रैल तक पुलिस ने इन दबंगों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की है। इसके चलते आज पीड़ित बच्चों के पिता ने मुख्यालय आ कर अपर पुलिस अधीक्षक से मिल कर इंसाफ की गुहार लगाई है। बुंदेलखंड में सामंत वाद की जड़े कितनी गहरी है इसका ताजा नमूना है मासूम दलित बच्चों की पिटाई की घटना।