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गेहूं की सरकारी खरीद में वैल्यू कट का भुगतान सरकार स्तर पर करने की मांग

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. संयुक्त व्यापार संघ की बैठक जंक्शन व्यापार संघ धर्मशाला में आयोजित की गई। बैठक में विशेष रूप से किसानों को गेहूं की खरीद के समय वेल्यू कट में आ रही परेशानियों के बारे में चर्चा की गई। व्यापारियों ने बताया कि गेहंू की सरकारी खरीद का मूल्य 2125 रुपए है।  

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गेहूं की सरकारी खरीद में वैल्यू कट का भुगतान सरकार स्तर पर करने की मांग
-संयुक्त व्यापार संघ की हुई बैठक में रखी मांग
हनुमानगढ़. संयुक्त व्यापार संघ की बैठक जंक्शन व्यापार संघ धर्मशाला में आयोजित की गई। बैठक में विशेष रूप से किसानों को गेहूं की खरीद के समय वेल्यू कट में आ रही परेशानियों के बारे में चर्चा की गई। व्यापारियों ने बताया कि गेहंू की सरकारी खरीद का मूल्य 2125 रुपए है। परन्तु वेल्यू कट कटने के बाद किसान को 2103 रुपए 76 पैसे प्रति क्विंटल मिलता है । इस कारण किसानों को प्रति क्विंटल 21 रुपए 24 पैसे का वेल्यू कट कटवाना पड़ता है जबकि पंजाब व हरियाणा में यह वेल्यू कट राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। इस कारण राजस्थान के किसानों में इस वेल्यू कट की पूरी जानकारी न होने के कारण व्यापारियों व किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रह है। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उक्त वेल्यू कट पंजाब हरियाणा की तर्ज पर राजस्थान में भी राज्य सरकार वहन करे। जिससे कि किसानों को प्रति क्विंटल में 21 रुपऐ 24 पैसे का मुनाफा हो। 2125 रुपए गेहंू की सरकारी खरीद का पूरा लाभ किसान को मिल सके। इस मौके पर व्यापार मंडल अध्यक्ष प्यारेलाल बंसल, व्यापार संघ से उपाध्यक्ष अमन सहू, कोषाध्यक्ष शंकर जैन, व्यापार मण्डल उपाध्यक्ष लखवीर मान, सचिव तरूण कौशल, फुडग्रेन व्यापार मण्डल सचिव अनिल बंसल, खाद्य व्यापार संघ सचिव अमरनाथ सिंगला, कोषाध्यक्ष मोहित बलाडिया व अन्य व्यापारी मौजूद थे।

इधर टोकन लेकर पहुंच रहे किसान
संगरिया. समर्थन मूल्य केंद्र पर बारदाना खत्म होने से सरसों खरीद बंद हो गई। क्रय-विक्रय सहकारी समिति ने क्षेत्रीय कार्यालय राजफेड जयपुर को पत्र भेजकर सरसों के लिए 1.50 लाख थैला (बारदाना) समर्थन मूल्य केंद्र पर भिजवाने की मांग भेजी है। शुक्रवार को अनेक किसान समिति में सरसों बिक्री के लिए सरसों व टोकन लेकर पहुंचे। लेकिन बारदाना नहीं होने पर उन्हें बैरंग लौटा दिया। ऐसे में जरुरतमंद किसान मजबूरीवश प्राइवेट दुकानदारों को सरसों बेचने गया या वापिस ले गया। इससे अकारण उसे परेशानी का सामना करना पड़ा। व्यवस्थापक राजेंद्र शर्मा ने बताया कि सरसों का बारदाना खत्म होने से सरसों खरीद रोक दी है। वर्तमान में 3,900 किसानों का पंजीयन हो चुका। जिसके विपरीत 550 किसानों से 28 हजार 992 थैला यानि 14 हजार 496 क्विंटल सरसों खरीदा जा सका। अब तक कई चरणों से थोड़ा-थोड़ा कर तीस हजार थैला बारदाना मिला था। उसी अनुसार खरीद होती रही, पर अब स्टॉक खत्म होते ही पूरी तरह से खरीद रुक गई है। जबकि पूर्व में आया कुछ किसानों का माल तुलना भी बाकी है। ऐसे में 1.5 लाख बारदाना चाहिए।