नई दिल्ली। बात है साल 2001 की जब कोलकाता के ईडन गार्डन मैदान में भारत और ऑस्ट्रेलिया ( Australia ) के बीच कांटे की टक्कर का मुकाबला था। कहते हैं ये अब तक का खेला गया सबसे बेहतरीन टेस्ट मैच था। उस मैच में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज़ अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे और टीम बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रही थी। पहली इनिंग में 4 विकेट पर ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 250 को पार कर चुका था, इतने में कप्तान सौरभ गांगुली ने 21 साल के एक नौजवान को बड़ी उम्मीदों के साथ बॉलिंग करने भेजा।
उस लड़के ने 71वें ओवर की दूसरी गेंद पर रिकी पॉन्टिंग LBW कर ऑस्ट्रेलिया को बड़ा झटका दिया, अगली ही गेंद पर गिलक्रिस्ट उसका शिकार बने, मौका टेस्ट मैच में पहली बार हैट्रिक विकेट लेने का था, सामने शेन वॉर्न खड़े थे लेकिन वो भी इतिहास बनने से रोक नहीं पाए, शेन वॉर्न को कैच आउट करा उस लड़के ने इतिहास रच दिया, टेस्ट मैच में हैट्रिक लेने वाला पहला भारतीय गेंदबाज़ बन बैठा।
हम बात कर रहे हैं भारतीय गेंदबाज़ हरभजन सिंह की, उस रोमांचक टेस्ट में हरभजन ने ना सिर्फ हैट्रिक ली बल्कि दोनों पारियां मिलाकर 13 विकेट लिए, 281 रन बनाने वाले V V S लक्ष्मण भले ही मैन ऑफ द मैच बने हो लेकिन उस मैच में हरभजन ने देश के दिल में ज़ोरदार दस्तक तो दे ही दी थी हरभजन सिंह हर साल 3 जून को अपना जन्मदिन मानते हैं।
आज हम बात करेंगे क्रिकेट जगत में उनके रिकार्ड्स की, जो आज तक कोई नहीं तोड़ पाया। भज्जी भारत की ओर से सबसे कम उम्र में 400 टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उनसे ऊपर सिर्फ एक नाम है और वो हैं श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन। मुथैया ने 29 वर्ष 273 दिन की उम्र में 400 विकेट पूरे किए थे और भज्जी ने 31 वर्ष 4 दिन की उम्र में।
बता दें कि टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले भज्जी पहले भारतीय गेंदबाज हैं। इस टेस्ट सीरीज में उन्होंने 32 विकेट झटके थे। उनके इस रिकॉर्ड को आजतक कोई नहीं तोड़ पाया है। भज्जी के नाम 417 टेस्ट विकेट हैं और इस मामले में फिलहाल कोई भी भारतीय ऑफ स्पिनर उनके आस-पास भी नहीं है। भज्जी भारत की ओर से पहले ऐसे क्रिकेटर हैं, जिसने नंबर आठ पर बल्लेबाजी करते हुए बैक टू बैक टेस्ट सेंचुरी मारी हो।