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हुबली

एम्ब्रॉयडरी, आरी और बीड वर्क को मिक्स करके कलाकृतियां तैयार कर रही मिक्सड मीडिया आर्टिस्ट रिनल भूरट

विश्व कला दिवस पर विशेष उभरते युवा कलाकार, कैनवास से लेकर दीवारों तक बोलती हैं इनकी कला, पेंटिंग और पोट्रेट बनाकर बनाई पहचान

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कला अभिव्यक्ति और भावनाओं को तराशने का एक सशक्त माध्यम है। कोरोना महामारी के बीच कला को अधिक पहचान मिली। जब विश्वभर के लोग चारदीवारी में बंद थे, तो कला ने ही तनाव और अकेलेपन को दूर करने का प्रयास किया। कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक वर्ष 15 अप्रेल को विश्व कला दिवस मनाया जाता है। इस दिन लोगों को कला के प्रति जागरूक किया जाता है। इटली के महान चित्रकार लिओनार्दो दा विंची का जन्म 15 अप्रेल 1452 को हुआ था। लिओनार्दो दा विंची महान मूर्तिकार और वास्तुशिल्पी भी थे। उन्हें कला का भंडार भी कहा जाता है। कला मतलब सौन्दर्यात्मक तरीके से किया गया कार्य है। ललित कलाओं की संख्या पांच बताई गई है। इनमें चित्रकला, मूर्तिकला, नृत्य, गायन और वादन शामिल है, लेकिन कला शब्द सुनते ही मस्तिष्क में केवल चित्रकला की छवि उत्पन्न हो जाती है। हुब्बल्ली शहर में भी कुछ युवा कलाकार हैं, जो कला के इस क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। वे रंग और कूची से अपनी कला को जीवंत बना रहे हैं। मिलिए ऐसे ही कुछ कलाकारों से:

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एम्ब्रॉयडरी, आरी और बीड वर्क को मिक्स करके कलाकृतियां तैयार कर रही मिक्सड मीडिया आर्टिस्ट रिनल भूरट
राजस्थान के अजीत गांव की तथा वर्तमान में हुब्बल्ली में रह रही रिनल भूरट एम्ब्रॉयडरी, आरी और बीड वर्क को मिक्स करके नए रूप देने में महारत हासिल है। उसकी बुनाई, सिलाई, बीड वर्क व आरी वर्क का काम देखते ही बनता है। रिनल भूरट ने बीकॉम की शिक्षा हासिल की है और फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रही है। रिनल भूरट ने अपनी दादी की एम्ब्रॉयडरी पोट्रेट महज चार दिन मे तैयार कर दी। अपनी दादी के फोटो को देखकर ऐसी एम्ब्रॉयडरी पोट्रेट तैयार कर दी जो मुंह बोलती तस्वीर से कम नहीं।
दादीसा से प्रेरणा
रिनल भूरट बताती है, मैं बचपन में मेरे दादीसा को मोती से बैग बनाते देखती थी। इससे मुझे खूब प्रेरणा मिलीं और मैंने भी इस तरह के एम्ब्रॉयडरी काम को सीखना शुरू किया। रिनल भूरट ने वेस्ट कपड़े को सस्टेनेबल फैशन में बदल दिया। इन कपड़ों से ऐसी छह ड्रेस बना दी जिन्हें मॉडल्स ने पहनकर कैटवाक तक किया। लंदन फैशन वीक में रिनल भूरट के एम्ब्रॉयडरी के काम को पहचान मिल चुकी है।
यू-ट्यूब से मिली मदद
वे मिक्सड मीडिया आर्ट के जरिए बेकार चीजों को शानदार रूप और रंग दे रही हैं। अब रोजाना दो से तीन घंटे इसी काम में बिताती हूं। यू-ट्यूब से देखकर सीख लेती हूं तो कई बार खुद ही नए एक्सपीरियंस भी करती हूं। वे कहती है, रंगों के संयोजन के लिए कई बार मेरी माता प्रेमलता भूरट मेरी मदद करती हैं। रिनल कहती हैं, मैं वेनगो की पेंटिंग से खूब प्रभावित हूं। उनकी स्टारी नाइट नाम से पेंटिंग है। रिनल भूरट ने अपने इन्स्टाग्राम एकाउन्ट पर ऐसे क्रिएटिव वर्क के कई फोटो भी अपलोड किए हैं। बिजनसमैन पिता ललित भूरट तथा माता प्रेमलता भूरट ने सदैव प्रोत्साहित किया।