जबलपुर। जरूरतमंदों को भटकाने और घर पर बैठकर खसरा दुरस्त करने के आदी हो चुके पटवारी व राजस्व अधिकारियों की हकीकत सोमवार को कलेक्टर छवि भारद्वाज के सामने भी नजीर के रूप में पेश हुई। मामला था किसान कर्ज माफी योजना का। कलेक्टर ने मीटिंग तो पता चला कि जिले में लगभग 6 हजार ऐसे किसान हैं जिनके नाम ऋण माफी योजना के पात्र किसानों की सूची में तो शामिल हैं। लेकिन यह ऐसे किसान उस क्षेत्र से कहीं चले गए हैं या ये किसान हैं भी या नहीं इस बारे में किसी के पास कोई जानकारी नहीं है। अब इन किसानों की खोज करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने ली क्लास
बताया गया है कि कलेक्टर छवि भारद्वाज ने जय किसान ऋण माफी योजना के तहत किसानों से ऋण राशि को लेकर प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत पर तत्काल जांच प्रारम्भ करने और तीन दिन के भीतर प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय को सौंपने के निर्देश सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को दिए हैं। भारद्वाज आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने जय किसान ऋण माफी योजना को शासन की प्राथमिकता वाली योजना बताया। कलेक्टर ने कहा कि यह समयबद्ध योजना है इसलिये इसमे किसी तरह का बिलम्ब या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों की जानकारी नहीं
कलेक्टर ने बैठक में ऐसे प्रकरणों पर भी तत्काल जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को दिए हैं जिनमे किसानों के नाम जय किसान ऋण माफी योजना के पात्र किसानों की सूची में शामिल हैं, लेकिन वास्तव में ये किसान वर्तमान में कहां हैं? इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। भारद्वाज ने बताया कि जिले में ऐसे लगभग 6 हजार प्रकरण सामने आए हैं, जिनमे किसानों के नाम ऋण माफी योजना के पात्र किसानों की सूची में तो शामिल हैं। लेकिन इन किसानों के बारे में पूर्ण जानकारी किसी के पास नहीं है।
तहसीलदारों को जांच के निर्देश
भारद्वाज ने कहा कि सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी ऐसे प्रकरणों की सूची सम्बंधित जनपद पंचायतों से प्राप्त कर लें और तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों के माध्यम से जांच कराएं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे प्रकरणों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण स्वीकृत करने के मामले सामने आते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए तत्काल एफआईआर भी दर्ज कराई जाए। भारद्वाज ने बैठक में जय किसान ऋण माफी योजना के तहत किसानों से जिला स्तर पर प्राप्त शिकायतों का भी तत्काल निराकरण करने और प्रतिवेदन पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे किसानों द्वारा सहकारी बैंक से लिये गए ऋण की जानकारी भी पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं, जो ज्यादा ब्याज दर वाले फसल ऋण को माफ करने मंशा से केवल वाणिज्यिक बैंको से लिये गए ऋण का ही उल्लेख सफेद फार्म में कर रहे हैं।
बनेगा बड़ा फुटबॉल स्टेडियम
कलेक्टर ने बैठक में अंतराष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल स्टेडियम के लिये शहरी क्षेत्र में कम से कम दस एकड़ भूमि चिन्हित करने के निर्देश अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को दिए। उन्होंने प्रत्येक जनपद पंचायत में तीन गौशालाओं के निर्माण के लक्ष्य को लेकर पांच – पांच एकड़ भूमि चिन्हित करने के निर्देश भी अनुविभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि इसमें उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए जहां इनकी ज्यादा मांग है। भारद्वाज ने कहा कि पुरानी गौशाला या कांजीहाउस को भी इसके लिए चिन्हित किया जा सकता है। उन्होंने सम्बंधित निकाय के माध्यम से ऐसे भवनों की मरम्मत या जीर्णोद्धार का प्रस्ताव तैयार कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने बैठक में जबलपुर में नई कृषि उपज मंडी के लिए कम से कम 50 एकड़ जमीन की तलाश करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने एमएसएमई विभाग के लिये शहर के आसपास 20 एकड़ भूमि चिन्हित करने के निर्देश भी दिए। समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान और गेहूं के भंडारण के लिये सिहोरा, पाटन, मझौली, शहपुरा आदि क्षेत्रों में साइलो के लिए भी 15-15 एकड़ भूमि का चयन कर लेने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।