जयपुर
जेडीए सर्किल ( JDA Circle ) पर एक तेज रफ्तार कार ने दो सगे भाइयों की जान ले ली। यह रोंगटे खड़े करने वाला हादसा मंगलवार शाम को हुआ जब सर्किल पर रेड लाइट ( Red light ) होने पर स्टॉप लाइन ( Stop line ) पर खड़े बाइक सवार युवकों पर पीछे से 100 की रफ्तार से आई कार ने जबर्दस्त टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद बाइक सवार दोनों भाई तीन कारों के उपर से उछल 70 फीट दूर चौराहे पर जा गिरे। मौके पर ही उनकी मौत ( death ) हो गई।
हादसे में कार चालक की मां समेत 5 लोग घायल हो गए। टक्कर लगने से एक भरा गैस सिलेंडर 20 फीट उछलकर सड़क पर जा गिरा। गनीमत रही विस्फोट नहीं हुआ।
मानसरोवर स्थित हीरापथ निवासी कार चालक वीरेंद्र जैन पुत्र महावीर प्रसाद जैन पिता की एमआरआइ ( MRI ) कराने एसएमएस अस्पताल ( sms hospital )जा रहा था। जेडीए चौराहे पर उसका पांव ब्रेक ( Brake) से फिसलकर एक्सिलेटर ( Accelerator )पर पड़ गया और कार बेकाबू हो गई। हादसे में जयपुर जेल प्रहरी राजकुमार के दोनों बेटों पुनीत पराशर, और विवेक की मौत हो गई। हादसे के बाद कार चालक वीरेंद्र मां और पिता को अस्पताल ले गया। पुलिस ( police ) ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
हादसे में सड़क पर खिलौने बेचने वाली सुनीता, सड़क पार कर रहे टोंक निवासी धनराज व मिठा और गैस कंपनी कर्मचारी रतनलाल घायल हुए। सुनीता और आरोपी कार चालक की मां नारंगी का एसएमएस में भर्ती कराया गया। मृतक जयपुर सेंट्रल जेल में तैनात सिपाही राजकुमार पाराशर के बेटे थे। मृतक पुनीत कुमार पाराशर ने पीएचडी की उपाधि हासिल कर रखी थी।
परिवहन विभाग में लाइसेंस कैसे बना
वीरेन्द्र जयपुर में ही इंदौर की एक फर्म में काम करता है। कार फर्म मैसर्स शॉप इंडिया इंपैक्स प्रा. लि. के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस पूछताछ में वीरेन्द्र ने बताया कि उसे कार चलाना अधिक नहीं आता है। अब सवाल है कि आरोपी का परिवहन विभाग में लाइसेंस कैसे बन गया?