
भारतीय राजनीति में परिवारवाद के हावी रहने पर सत्तापक्ष और विपक्ष में बहस होती रही हैं। दोनों पक्ष परिवारवाद का आरोप भी एक-दूसरे पर मढ़ते रहे हैं। दिलचस्प बात तो ये है कि कांग्रेस हो या भाजपा, दोनों ही दलों में ऐसे कई नेता मिल जाते हैं, जिनके परिवार का कोई ना कोई सदस्य विरोधी दल में भी होता है। इसका परिणाम ये होता है कि सत्ता में कोई भी दल रहे, ऐसे परिवारों का कोई ना कोई सदस्य आपको सत्तापक्ष में जरूर मिल जाएगा। आइए इस पर आपको दिखाते हैं पत्रिका टीवी की एक खास रिपोर्ट…