
जयपुर। प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था पर भाजपा से राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार को घेरा है। भाजपा मुख्यालय पर तिवाड़ी ने प्रेस वार्ता में कहा कि सीएम कुर्सी बचाने के लिए और पायलट कुर्सी को पकड़ने के लिए तरस रहे हैं। जनता तिरस्कृत हो रही है और आलाकमान प्रताड़ित करने में लगा हुआ है। हालत ये है कि गहलोत खुद आलाकमान और अपने अधीनस्थ विधायकों से लड़ रहे हैं। लेकिन अब उनमें भाजपा से लड़ने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकार का प्रभाव खत्म हो गया है। ऐसी घटनाएं घटित हो रही है जिन की कल्पना नहीं की जा सकती है। सर तन से जुदा के बाद राजस्थान से कानून और व्यवस्था की स्थिति जुदा हो गई। आज राजस्थान में वैधानिक और संवैधानिक संकट भी बना हुआ है। फिर भी सरकार भारत जोड़ों के बोर्ड लगा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजाना 17 महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है। 2021 में 6377 बलात्कार के केस हुए हैं। इसके विपरीत शांति धारीवाल विधानसभा में कहते हैं कि राजस्थान में मर्द ज्यादा रहते हैं। 2021 में बच्चों के गायब होने के भी 4940 केस है और 7300 लोग महिलाओं के साथ अत्याचार के मामले हैं। गहलोत सरकार ने की कार्यप्रणाली ने राजस्थान को अराजक राज्य की राजधानी बना दिया है। तिवाड़ी ने कहा कि खनन माफिया भी राजस्थान में प्रबल है और सरकार के बराबर अलग सरकार चला रहा है। इन्हें अधिकारियों का संरक्षण मिल रहा है। राजस्थान में पुलिस का रुआब कम हो गया है।
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कर्तव्यों का पालन नहीं कर रहे विधानसभाध्यक्ष
तिवाड़ी ने विधानसभाध्यक्ष को भी घेरा। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने अपने कर्तव्य का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्हें इतने सारे इस्तीफा मिल गए हैं, फिर भी वो कार्रवाई करने से बच रहे हैं। यही वजह है कि राजस्थान में वैधानिक और संवैधानिक संकट आया हुआ है।