मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने 100 करोड़ का बजट भी बनाया है। इसमें हर कोई कलाकार शामिल हो सकता है। इसका फायदा एक-एक कलाकार को दिया जाएगा। इससे पहले कोविड काल में भी हमने कलाकारों को पांच हजार रुपए प्रोत्साहन रूप में दिए थे। सीएम शुक्रवार को जवाहर कला में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जीवन संघर्ष पर लगाई गई प्रदर्शनी ‘भीमराव से बाबा साहेब तक’ पेंटिंग प्रदर्शनी का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से अनौपचारिक चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कला और कलाकारों के लिए संवेदनशील तरीके से कार्य कर रही है। हमने बजट में कलाकारों को 100 दिन का रोजगार देने का निर्णय लिया है। इस योजना में दूर दराज गांव,ढाणियों में बैठे कलाकारों तक हम पहुंचेंगे। उनकी परफॉर्मेंस करवाएंगे। इसके नियमावली और प्रावधान बन रहे हैं।
फिल्म पॉलिसी को लेकर उनका कहना था कि हम जल्द ही बॉलीवुड के निर्माताओं के साथ बैठक करेंगे जिसमें उन्हें राजस्थान आकर शूङ्क्षटग करने और पॉलिसी के बारे में जानकारी दी जाएगी। वहीं गजेन्द्र सिंह वाले मामले पर कहा. अभिषेक मनु सिंघवी ने जो दलील वहां दी है, वह सही नहीं है। हमने हमारी तरफ जवाब भिजवा दिया है। यह दो लाख परिवारों से जुड़ा मामला है। हम उन परिवारों के लिए खड़े हैं। उन्होंने कहा कि राज्य को टूरिज्म फ्रेंडली बनाना हमारा लक्ष्य है। हमारी योजनाओं का लाभ सभी को मिल सके इसके लिए प्रावधान किए जा रहे हैं। यदि योजनाओं में जो कमी रही हैए उसे जल्द ही दूर करने के लिए प्रावधान किए जा रहे हैं। हमने टूरिज्म सेक्टर में भी इनोवेशन किए हैं। इसका सीधा फायदा इस सेक्टर से जुड़े लोगों को मिल रहा है। टूरिज्म में अब जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
अन्य जिलों की मांग पर उन्होंने कहा. जिलों की मांग तो बहुत से लोगों ने उठाई थी, लेकिन हर जगह को जिला नहीं बना सकते हैं। उम्मीद है आगे कुछ अच्छा ही होगा। बाकी जिलों के गठन को लेकर तैयारी जल्द शुरू हो जाएगा। रामलुभाया जी अभी बाहर थे। अब इस पर काम होना शुरू हो जाएगा। इसका फायदा लोगों को मिलने लगेगा।
सचिन पायलट की भूमिका आलाकमान तय करेगा
विधायक प्रशांत बैरवा ने कहा. सचिन पायलट हमारे प्रदेश के अध्यक्ष, डिप्टी सीएम, सांसद, केन्द्रीय मंत्री रहे है। उनमें वो तमाम खूबियां हैं, जो अच्छे नेता में होनी चाहिए। राहुल गांधी ने भी उन्हें असेट बताया है। यह सही भी है। हमारा काम कर्म करना है। बाकी फल तो पाटी ही देगी, ऊपरवाला ही देगा। हमको पीछे नहीं हटना है। यहां सचिन पायलट की भी जरूरत है। प्रशांत बैरवा भी की जरूरत है। सबका अपना.अपना किरदार है। सभी अपनी.अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। राजनीति करना बड़ा मुश्किल काम है, लेकिन मैं समझता हूं कि जो भी घटनाक्रम है। वह जल्द ही रिजॉल्व हो जाएगा। बस कुछ धैर्य रखने की जरूरत है।