जवाहर कला केंद्र की एक आर्ट गैलेरी में नवोदित कलाकार गगन गुप्ता की पेंटिंग प्रदर्शनी क्रेयॉन ऑन कैनवास की लगाई गई। डी फार्मेसी कर रहे गगन की यह पहली प्रदर्शनी है जिसमें उन्होंने
मूल रूप से अलवर निवासी गगन ने पेंटिंग की शुरुआत उस समय की जबकि वह 10वीं कक्षा में पढ़ रहे थे,उस दौरान विज्ञान के डायग्राम बनाते हुए उन्हें अहसास हुआ कि वह पेंटिंग कर सकते हैं, उनके शिक्षक ने भी इसके लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। इसके बाद गगन ने डी फार्मेसी के अप्लाई किया साथ ही परिवार में बिना किसी को बताए पेंटिंग करना शुरू कर दिया। जब उनके पिता ने उनकी पेंटिंग देखी तो उन्होंने गगन को सपोर्ट किया और इसके बाद गगन अपने विचार कैनवास पर उकेरने लगे।
जेकेके में लगाई अपनी पेंटिंग प्रदर्शनी में गगन ने अलग अलग थीम पर बनाई गई अपनी पेंटिंग्स को प्रदर्शित किया है। उनकी इस प्रदर्शनी में कहीं ग्रामीण जीवन की झलक देखने को मिलती है तो किसी में संयुक्त परिवार की अहमियत भी दर्शाई गई है। किसी पेंटिंग में राधा की भक्ति तो किसी में गंगा के घाट दर्शाए गए हैं। गगन का कहना है कि उन्होंने जो कुछ भी सीखा है वह खुद से ही सीखा है उन्होंने आज तक कोई फॉर्मल ट्रेनिंग नहीं ली। खुद को ही अपनी इन्सपिरेशन मानने वाले गगन कला के क्षेत्र में ही अपना करियर बनाना चाहते हैं।