District Consumer Forum:
ज़िला उपभोक्ता मंच जयपुर ने मेडिकल उपकरण बनाने वाली कंपनी की ओर से निर्मित निद्रा और श्वसन रोग सम्बंधित उपकरणो के सन्दर्भ में वकील सुमित तेतरवाल की दायर की गयी उपभोक्ता शिकायत पर नोटिस जारी किया गया। एडवोकेट सुमित तेतरवाल ने बताया कि अमेरिका की एजेंसी एफडीए ने फ़िलिप्स द्वारा निर्मित वेंटिलेटर और अन्य उपकरणो से कैंसर जैसी घातक बीमारी होने की पुष्टि की थी। इसके बाद जून 2021 में फ़िलिप्स ने ये सभी उपकरण अमेरिकी बाज़ार से हटा लेने की घोषणा और मरीज़ों को बेचे जा चुके उपकरण भी वापस ले लिए थे। जबकि भारत में ना तो इन्हें बाजार से हटाने की घोषणा की गई और ना ही बेचे जा चुके उपकरण वापस लिए जा रहे हैं।
कंपनी का दोहरा मापदंड
एडवोकेट सुमित तेतरवाल ने आरोप लगाया है कि जहां एक ओर कंपनी अमेरिका में मशीनों को वापस लिया जा रहा है, वहीं भारत में सिर्फ मशीनों को रिपेयर करने की बात कहीं जा रही है। इस संबंध में कोई सार्वजनिक चेतावनी भी जारी नहीं की गई है। ऐसे में आज भी चिकित्सकों द्वारा ये मशीनें इलाज के लिए काम में ली जा रही हैं। स्लीप एपनिया मशीनों और वेंटिलेटर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि कंपनी की इन मशीनों में इस्तेमाल किया जाने वाले फोम का छोटे कणों में विघटन होने से सांस नली में जाने के कारण कैंसर तक होने का ख़तरा है। इससे कई ओर बीमारियों के बारे में भी दावा किया गया है। अन्य देशों में यह बैन होने के बाद भारत में इसकी बिक्री या उपयोग को लेकर अब कंपनी को नोटिस दिया गया है।