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सिंधी कैंप बस स्टैंड…सब बे-बस : देखें वीडियो

चारों ओर रेलमपेल, जाम, भीड़भाड़...कैसे सुधरे हालात, दिनभर में 1000 से अधिक निजी व 1400 सरकारी बसों की रहती आवाजाही

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जयपुर. सिंधी कैम्प बस स्टैंड और इसके आस-पास निजी बसों के कारण दिनभर जाम के हालात बने रहते रहते हैं। जाम के कारण कई बार लोगों की बस या ट्रेन तक छूट जाती है। हाल ही सिंधी कैम्प बस स्टैंड क्षेत्र में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों ने निजी बसों से होने वाली परेशानियों का लेखा-जोखा (रिपोर्ट) तैयार कर आला अधिकारियों को दिया है। यह भी गौर करने वाली बात है कि सरकारी परिवहन की 1400 बसें सिंधी कैम्प बस स्टैंड पर दिनभर आती-जाती रहती हैं। दो पुलिसकर्मियों के अनुसार सड़क पर खड़ी होने वाली निजी बसों के खिलाफ चालान की कार्रवाई करने से पहले ही विधायकों के फोन घनघनाने लगते हैं। पुलिस अधिकारी भी ऐसे मामलों को नजरअंदाज करने की नसीहत देते हैं।

27 ट्रेवल्स कंपनियों के दफ्तर चलते यहां

पुलिसकर्मियों के मुताबिक सिंधी कैम्प, वनस्थली मार्ग और आस-पास के क्षेत्र में 27 निजी ट्रेवल्स कंपनियों के दफ्तर संचालित होते हैं। इन 27 ट्रेवल्स कंपनियों की 150 निजी बसें यहीं खड़ी रहती हैं। इसके अलावा दिनभर में 1000 से अधिक निजी बसों की आवाजाही भी यहीं से होती हैं।

ये भी बताए कारण

– यातायात का अत्यधिक दबाव : सिंधी कैम्प पर बसों की आवाजाही, मुख्य सड़क पर लोक परिवहन व निजी ट्रेवल्स की बसों की पार्किंग होने से राहगीर-वाहन चालकों को परेशानी होती है। निजी ट्रेवल्स के गोदाम खुलने और एजेंट के सड़क पर ही टेबल-कुर्सीं डालकर बैठने से भी आवाजाही प्रभावित होती है।

– इमरजेंसी सेवा पर भी असर : सिंधी कैम्प व आस-पास के क्षेत्र में दिनभर बसों का जमावड़ा रहने से इमरजेंसी सेवाएं (एम्बुलेंस, दमकल, नगर निगम के वाहन, वीवीआईपी, वीआईपी मूवमेंट) प्रभावित होती हैं। पुलिस व प्रशासन को इन वाहनों को निकालने में अनावश्यक देरी होती है।

– प्रदूषण : सिंधी कैम्प बस स्टैंड शहर के मध्य में है। हजारों बसें और यहां आने वाले अन्य वाहनों की आवाजाही से प्रदूषण का स्तर काफी अधिक रहता है।

– हादसों में वृद्धि : वाहनों की रेलमपेल से राहगीर व दुपहिया वाहन चालकों के दुर्घटना का शिकार होने की आशंका बनी रहती है। कई बार यहां दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।

– पर्यटन पर प्रतिकूल प्रभाव : इसी तरह यहां वाहनों की रेलमपेल और जाम के हालात रहे तो शहर में आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी कमी आएगी। हालात नहीं सुधारे गए तो पर्यटन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

यह होनी चाहिए व्यवस्था

– शहर के चारों तरफ निजी बसों के लिए स्टैंड बनाए जाने चाहिए ताकि निजी बसें वहां से संचालित हो सके। लंबी दूरी की रोडवेज बसों का संचालन भी किया जाना चाहिए।

सिंधी कैम्प पर निजी बसों से होने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित विभागों से विचार विमर्श कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

राहुल प्रकाश, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त