कोहरे के चलते वाहन चालकों के साथ आमजन को हुई परेशानी
जयपुर। प्रदेश में सर्दी के तेवर दिन-प्रतिदिन तीखे हो रहे हैं। साथ ही कई जिलों में घने कोहरे भी देखा जा रहा है। इससे गलन व ठिठुरन बढ़ गई है। लोग सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। सर्दी के चलते लोगों की दिनचर्या भी बदल गई। अब लोग सुबह देर तक रजाई में लिपटे नजर आते हैं।
दूदू जिला मुख्यालय सहित क्षेत्र में शुक्रवार अल सुबह से ही कोहरा छाए से वाहन चालकों के साथ ही आमजन को भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। कोहरे से बढी ठिठुरन के चलते लोग घरों में दुबके रहे। वहीं ठंड से बचाव के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। मार्गों पर घने कोहरे के चलते चालकों को लाइटें जलाकर धीमी गति से वाहन चलाने पड़े। कोहरे के साथ ही चल रही ठंडी हवाओं से अचानक ठंड भी बढ गई।
बगरू कस्बे सहित क्षेत्र में शुक्रवार अल सुबह से ही कोहरा छाने से वाहन चालकों के साथ ही आमजन को भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। वही जयपुर -अजमेर राजमार्ग पर कोहरे के चलते चालकों को वाहनों लाइटें जलाकर धीमी गति से वाहन चलाने पड़ रहे हैं। कोहरे के साथ ही चल रही शीत लहर से अचानक ठंड भी बढ गई।
जमवारामगढ उपखंड मुख्यालय सहित विधानसभा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह का आगाज घने कोहरे के साथ हुआ। घना कोहरा होने से दृश्यता में भारी कमी आयी ओर पचास मीटर दूर भी कुछ दिखायी नही दे रहा था। दृश्यता में कमी के चलते अल सुबह फल,सब्जिया व दूध जयपुर ले जाने वाले किसानो को असुविधा का सामना करना पडा। जयपुर-जमवारामगढ फोरलेन सडक मार्ग पर वाहनो को रेंग रेंग चलना पडा। जिससे किसानो एंव अन्य लोगो को गंतव्य तक पंहुचने में निर्धारित समय में देरी हुयी। छोटे बच्चो को तैयार करके स्कूल भेजने में असुविधा हुयी। रामगढ बांध की घाटी एंल भराव क्षेत्र में घना कोहरा नजर नही आया। जिससे रामगढ बांध का मुख्य गुम्बद नजर नही आया। रोड लाइटे सडक पर तारो की तरह टिमटिमाते नजर आयी।
बीकानेर में दिसंबर की शुरुआत कोहरे के साथ हुई। शुक्रवार सुबह से ही कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण विजिबिलिटी काफी कम रही। वाहनों को भी लाइट जलाकर चलना पड़ा। रेलवे ट्रैक पर कोहरा छाया रहा।
नोताडा कस्बे में शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया । रात्रि को ठण्डई हवा चलने के बाद बादल छाए और कुछ देर बूंदाबांदी हुई।जिसके बाद शुक्रवार को अलसुबह चारों ओर कोहरा छाया हुआ नजर आया तो वहीं शीतलहर ने आमजन को कंमकमी छुड़ा दी । गलन बढ़ने से हाथ पैरों में ठिठुरन बनी हुई है। वहीं कोहरे के साथ ओंस बरसने से पेड़ों व लोहे के टीनों से पानी टपकता हुआ नजर आया।