राजपरिवार के जमाने के समय रंग खेलने के लिए सबसे प्रचलित गुलाल गोटा राजधानी जयपुर ही नहीं पूरे देश और विदेशों में काफी लोकप्रिय है। लाख से निर्मित यह गुलाल गोटे दिखने में सुंदर होने के साथ ही राजपरिवार से लेकर अब आम आदमी की पहली पसंद बने हुए हैं। जयपुर स्थित परकोटे के मनिहारों के रास्ते पर सजी दुकानों में होली पर्व के नज़दीक आने के साथ ही गुलाल गोटे की रौनक देखते ही बनती है। यहां चुनिंदा मुस्लिम परिवार ही होली के पर्व पर बीते कई दिनों से गुलाल गोटे तैयार कर साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहे हैं। एक दो नहीं, बल्कि कई पीढ़ियों से मनिहारा परिवार अपने पुश्तैनी काम को जीवित रखने के लिए यह गुलाल गोटा तैयार करते हैं।
विदेशों में इटली, फ्रांस, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, थाईलैंड सहित अन्य जगहों पर प्रवासी भारतीयों की ओर से गुलाल गोटे के आर्डर मिलते हैं। वहीं दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद सहित अन्य जगहों पर भी यहीं से गुलाल गोटे भेजे जाते हैं।
मनिहारों के रास्ते के कारीगर मो.सादिक बताते हैं कि इनसे आमदनी बेहद कम है। 100 से लेकर 250 रूपए के पैकेट में यह उपलब्ध है। हर उम्र के लोग इससे होली खेल सकते हैं। इन्हें तैयार करने में बड़ी मेहनत लगती है। स्वास्थ्य के लिहाज से नुकसानदायक बिल्कुल नहीं है। इन्हें बनाने के लिए लाख को पहले गर्म किया जाता है, फिर फूंकनी की मदद से इसे फुलाया जाता है। धीरे—धीरे यह गुब्बारे के जैसे फुल जाता है। कुछ मिनट पानी में रखने के बाद इसे बाहर निकालकर अरारोट की गुलाब, चमेली, मोगरा सहित अन्य महकभरी गुलाल भरकर बंद किया जाता है। जैसे ही किसी पर इसे फेंका जाता है, लाख की पतली परत टूट जाती है और गुलाल से आदमी सराबोर हो जाता है।
जयपुर स्थापना से चली आ रही परंपरा
जानकारी के मुताबिक 1727 में जब महाराजा जयसिंह द्धितीय ने जयपुर की स्थापना की थी। उस समय शाहपुरा के लखेर गांव से आमेर आए हुए इन कारीगरों के पूर्वज को मनिहारों के रास्ते में बसाया था। तब से लेकर आज तक यह गुलाल गोटा बनाने वाले कारीगर इस काम को करते आ रहे है। जयपुर में राजा हाथी पर सवार होकर होली खेलने निकलते थे। आम जनता पर वे पिचकारी से रंग फेंकते। सवारी के पीछे एक पात्र में गुलाल गोटे रखे रहते थे, जिन्हें राजा उठा-उठा कर आम जनता पर फेंका करते थे। शहरवासियों में भी दूसरे को उपहार देने के लिए रंग गुलाल के साथ गुलाल गोटे देने का चलन बढ़ा है। वहीं कई होली महोत्सव में आर्डर मिले हैं।