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Raksha Bandhan 2020: रक्षाबंधन पर्व आज, भद्रा काल के बाद बहनें बांध सकेंगी राखी

तीन साल बाद बन रहा आयुष्मान योग श्रवण नक्षत्र के साथ सर्वार्थसिद्ध और रवि योग भी

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जयपुर

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Savita Vyas

Aug 03, 2020

जयपुर। श्रावण पूर्णिमा पर तीन अगस्त को विशेष संयोगों के बीच रक्षाबंधन पर्व मनाया जा रहा है। इस बार आयुष्मान योग, सर्वार्थसिदध योग व रवि योग के संयोग बन रहे हैं। करीब तीन साल बाद आयुष्मान योग आ रहा है। इससे पहले आयुष्मान योग 7 अगस्त 2017 को आया था। वहीं इस दिन सर्वार्थसिद्ध योग भी रहेगा। राखी बांधते समय शुभ मुहूर्त के साथ ही भद्रा काल का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। कथाओं की मानें तो रावण की बहन ने उसे भद्रा काल में ही राखी बांध दी थी, इसलिए रावण का विनाश हो गया। रक्षाबंधन से पहले 2 अगस्त को रात्रि 8 बजकर 43 मिनट से 3 अगस्त को सुबह 9 बजकर 28 मिनट तक भद्रा रहेगी। इसके बाद पूरे दिन बहनें रक्षासूत्र बांध सकेंगी। रक्षाबंधन के दिन सोमवती पूर्णिमा का अद्भुत संयोग बन रहा है। पंडित सुरेश शास्त्री ने बताया कि तीन अगस्त को श्रवण नक्षत्र सुबह 7.19 मिनट पर आएगा, जो अगले दिन सुबह 8.11 मिनट तक रहेगा। इस दिन आयुष्मान योग सुबह 6.38 मिनट से शुरू होगा, जो चार अगस्त को सुबह 5.46 मिनट तक रहेगा। रक्षाबंधन के लिए अभिजीत मुहूर्त श्रेष्ठ रहेगा, वैसे पूरे दिन राखी बांधी जा सकेगी। रक्षाबंधन पर रवि योग सुबह 7.19 मिनट तक रहेगा। वहीं सर्वार्थसिद्ध् योग सुबह 7.19 बजे से शुरू होगा, जो पूरे दिन रहेगा।