जयपुर। राजस्थान में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की धूम है। अलसुबह से ही श्रद्धालु मंदिरों में उमड़ने लगे गए हैं। प्रदेशभर के कृष्ण मंदिरों में आज मध्यरात्रि 12 बजे भगवान कृष्ण का जन्म होगा। वहीं राजधानी जयपुर के चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदर मंदिर में आज दोपहर 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। महंत मलय गोस्वामी ने बताया कि मंदिर में भगवान राधा दामोदर ढाई साल के बाल स्वरूप में विराजित हैं। जयपुर की यह वर्षों पुरानी परंपरा वृंदावन से चली आ रही है। भगवान राधा दामोदर के जन्मोत्सव के बाद भगवान गोविंददेवजी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इसके अलावा रामगंज बाजार स्थित लाड़लीजी मंदिर तथा नाहरगढ़ पहाड़ी स्थित चरण मंदिर में भी दोपहर बारह बजे ही जन्मोत्सव मनाया गया। मंदिर में उसके बाद से जन्मोत्सव शुरू हुआ। दिन के ठीक 12 बजे भगवान का जन्मोत्सव मनाया गया। पंचामृत और पंचगव्य से भगवान का अभिषेक कर पंजीरी, माखन और मिश्री का भोग लगाया गया। दिन में 2 बजे से नंदोत्सव मनाया जा रहा है। इसके बाद रात 11 बजे भगवान की शयन आरती होगी। मंदिर महंत का दावा है कि यह राजस्थान ही नहीं, बल्कि भारत का एकमात्र मंदिर है, जहां दिन में जन्मोत्सव और उसी दिन नंदोत्सव मनाया जाता है। जबकि भगवान के जन्म के समय अर्थात रात में भगवान शयन मुद्रा में होते हैं।