जयपुर। प्रदेश से मानसून रुठ गया है और अगले तीन चार दिन अधिकांश जिलों में फिर से गर्मी के तेवर तीखे होने की आशंका है। हिमालय के तराई क्षेत्र से बीते सप्ताह प्रदेश की ओर लौटे मेघ फिर से उत्तर पूर्वी राज्यों का रुख कर चुके हैं। बारिश के थमे दौर के साथ ही अब प्रदेश में पारे ने रफ्तार पकड़ ली है और कुछ जिलों में तो दिन में पारा 38 डिग्री के पार तक जा पहुंचा है। मौसम विभाग ने भी अगले तीन चार दिन ज्यादातर जिलों में मौसम शुष्क रहने और पारे में बढ़ोतरी की आशंका जताई है।
मानसून की बेरुखी से उछला पारा
पिछले 24 घंटे में मानसून की बेरुखी से कई जिलों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री रहा वहीं चूरू 36,हनुमानगढ़ 36.4, पिलानी 36.2 और जैसलमेर में पारा 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जयपुर में भी दिन और रात के तापमान में आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की गई। आगामी दिनों में बारिश नहीं होने पर फिर से गर्मी और उमस बढ़ने की आशंका है।
मानसून की बेरुखी ने बढ़ाई किसानों की चिंता
प्रदेश में अभी मक्का, ग्वार, मुंगफली समेत कई फसलों की बुवाई हो चुकी है और किसानों को बारिश का इंतजार है। बारिश नहीं होने और पारे में बढ़ोतरी से अब फसलें जलने की आशंका से किसान चिंतित है। आगामी दिनों में बारिश नहीं होने पर किसानों का नुकसान होना तय है।
बीसलपुर बांध में भी रोजाना घट रहा जलस्तर
जयपुर, अजमेर और टोंक जिले की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध में भी रोजाना एक सेंटीमीटर जलस्तर घटता जा रहा है। मानसून की शुरूआत में इस बार अगस्त माह में बांध ओवरफ्लो होने की उम्मीद बंधी जो बीतते दिनों के साथ ही कमजोर पड़ गई हैं। पिछले सप्ताहभर से बांध में पानी की आवक बंद है और बांध से रोजाना जयपुर, टोंक और अजमेर को हो रही जलापूर्ति के कारण एक सेंटीमीटर तक जलस्तर घट रहा है। मालूम हो बांध की कुल जलभराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है और अब भी बांध पूर्ण जलभराव से 1.58 मीटर खाली है। वहीं आगामी दिनों में यदि तेज बारिश का दौर नहीं चला तो इस बार बांध के ओवरफ्लो होने की उम्मीद भी बेहद कम है।