
जयपुर। राजस्थान में सियासी संकट चल रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पूरी तरह एक्टिव नजर आ रहे हैं। इस संकट के बीच जयपुर में 7 और 8 को इन्वेस्ट राजस्थान समिट हो रही है। जयपुर शहर में समिट का जिम्मा नगर निगम ग्रेटर को सौंपा गया है। ग्रेटर प्रशासन ने समिट की महत्ता को भांपते हुए 12 क्षेत्रों में प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को लगाया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में तीन कार्मिक लगाए गए हैं। इन कार्मिकों को इस रूट को चमकाने के साथ ही यहां दीवारों पर लगे अवैध पोस्टर व होर्डिंग को हटाएंगे। इन सभी रूट्स पर शनिवार से काम शुरू हो जाएगा।
ग्रेटर प्रशासन ने अजमेरी गेट से बीटू बाइपास के आसपास एक होटल तक 12 रूट बनाए गए हैं, जिनकी जिम्मेदारी अधिशासी अभियंता, आरओ व अन्य अधिकारियों को दी गई है। आदेश में सख्त हिदायत दी गई है कि छुट्टी के दिन भी ये अधिकारी और कार्मिक सुबह 7 से 11 और दोपहर 3 से 6 बजे तक नियमित सफाई की मॉनिटरिंग करेंगे और अगर कोई अवैध पोस्टर या होर्डिंग मिलते हैं तो उन्हें हटाएंगे। अगर कोई शिकायत मिलती है तो उसका भी निपटारा किया जाएगा। आदेश में साफ किया गया है कि अगर किसी भी कार्मिक ने काम में कोताही बरती तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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जोन वाइज भी जिम्मेदारी सौंपी
इन टीमों के अलावा जोन वाइज भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उपायुक्त राजस्व प्रथम शिप्रा शर्मा को समिट का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उपायुक्त सतर्कता सेठाराम को कंट्रोल रूम का नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा मालवीय नगर, जगतपुरा, सांगानेर उपायुक्त को उनके जोन का समन्वय अधिकारी बनाया गया है। साथ ही उपायुक्त स्वास्थ्य मुकेश कुमार को इन मार्गों की सफाई व्यवस्था और फायर से संबंधित और उपायुक्त गैराज अतुल शर्मा को कचरा संग्रहण व सभा स्थल पर चल शौचालय की व्यवस्था का जिम्मा सौंपा गया है।
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शहर को संवारने का हो रहा है काम
ग्रेटर व हैरिटेज नगर निगम के साथ जेडीए भी इन्वेस्ट राजस्थान समिट में जुटा है। जेएलएन मार्ग को चमकाया जारहा है। उधर दोनों नगर निगम भी अपने-अपने क्षेत्र में डिवाइडर पर रंग-रोगन के साथ सड़कों का पैचवर्क करवा रहे हैं। पुलियाओं पर भी रंग करवाया गया है।