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आरसीए ऑफिस के ताले खुले, लेकिन खिलाडिय़ों के लिए नहीं इसलिए, जानें पूरा मामला
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आरसीए ऑफिस के ताले खुले, लेकिन खिलाडिय़ों के लिए नहीं इसलिए, जानें पूरा मामला

एमओयू खत्म होने के बाद से ही कार्यालय पर जड़े हैं ताले
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जयपुर. राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) में अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी और सचिव राजेन्द्र सिंह नांदू के बीच आपसी विवाद के चलते कार्यालय पर पिछले दो माह से ताले जड़े हुए हैं, इससे प्रदेश में क्रिकेट गतिविधियां ठप्प पड़ी हैं। घरेलू क्रिकेट सत्र नजदीक होने के बावजूद खिलाडिय़ों को कोई सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सोमवार दोपहर को राजस्थान क्रीड़ा परिषद ने आरसीए कार्यालय के ताले तो खोले, लेकिन सिर्फ कुछ जरूरी दस्तावेज लेने के लिए।


जांच कमेटी के लिए खोले ताले
आईपीएल-11 के मैचों के दौरान निकाले गए टेंडर पर बढ़े विवाद के बाद इसके लिए एक जांच कमेटी गठित की गई थी। जब उससे जुड़े दस्तावेज आरसीए पदाधिकारियों से मांगे गए तो उन्होंने दस्तावेजों का आरसीए कार्यालय में होना बताया। जांच कमेटी की मांग पर ही सोमवार को आरसीए के ताले खोले गए। जांच कमेटी व क्रीड़ा परिषद के सचिव नारायण सिंह ने आरसीए सचिव आर.एस. नांदू व अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में ताले खुलवाए। जांच कमेटी ने विवादित टेंडरों का रिकॉर्ड व अन्य दस्तावेज लेने के लिए ऑफिस में सिर्फ अकाउंट्स डिपार्टमेंट के ताले खुलवाए हैं।


यह है मामला
राजस्थान सरकार और आरसीए के बीच एमओयू इस साल फरवरी में ही समाप्त हो गया था, लेकिन खेलमंत्री के दखल के बाद आईपीएल-11 के मैचों तक एमओयू बढ़ा दिया गया था। लेकिन मैच समाप्त होने के बाद आरसीए पदाधिकारियों के बीच विवाद इस कदर बढ़ गया कि किसी को एमओयू की सुध ही नहीं रही। अंतत: क्रीड़ा परिषद को आरसीए ऑफिस पर ताले जडऩे पड़े। ऑफिस पर ताले जडऩे का आरोप भी दोनों गुट एक-दूसरे पर थोपते रहे।