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जानिए समलैंगिकता को लेकर क्या मानना है दुनिया के बाकी देशों का
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जानिए समलैंगिकता को लेकर क्या मानना है दुनिया के बाकी देशों का

सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का फैसला सुनाया है...भारत में इसके लिए एलबीजीटी समुदाय को लम्बी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी, लेकिन दुनिया के अन्य देशों का कानून समलैंगिकता को किस नजर से देखता है...
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जयपुर

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Prabhat K Sharma

•

Updated: 6 Sep 2018, 6:06 PM IST

1 जहां अवैध है समलैंगिकता
73 देशों में समान ***** के दो वयस्क लोगों के बीच आपसी सहमति से बनाया जाने वाला संबंध अवैध है। इन देशों में ज्यादातर मिड्ल ईस्ट, अफ्रीका और एशिया के देश हैं।इन देशों में समलैंगिकों के साथ हिंसा, मनमानी गिरफ्तारी, कैद और उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं।

2 समलैंगिकता पर मौत की सजा
ईरान, सूडान, सऊदी अरब और यमन, सोमालिया के कुछ हिस्से और उत्तरी नाइजीरिया में शरिया कानून के तहत समलैंगिकता के मामले में मौत की सजा दी जाती है।मॉरिशानिया, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात में भी सैद्धांतिक रूप से समलैंगिकता के मामले में मौत की सजा का प्रावधान है लेकिन वहां अब तक इस कानून पर अमल की रिपोर्ट नहीं आई है।

3 जहां समलैंगिकों को है शादी का अधिकार
दिसंबर 2017 में ऑस्ट्रेलिया दुनिया का 26वां देश बन गया जिसने सेम सेक्स मैरिज को कानूनी बनाया है।जर्मनी में भी पिछले साल कानून बदलकर समलैंगिकता को कानूनी बनाया गया है। माल्टा, बरमुडा और फिनलैंड में भी समलैंगिक आपस में शादी कर सकते हैं। आस्ट्रिया की हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि समलैंगिक 2019 से शादी कर सकते हैं। मध्य और पूर्वी यूरोप के ज्यादातर देशों में इसे कानूनी दर्जा नहीं दिया गया है।एक रिसर्च में पता चला कि मध्य और पूर्वी यूरोप के 18 देशों में लोगों की राय समलैंगिकों के खिलाफ है। सिर्फ 5 फीसदी रूसी और 9 फीसदी यूक्रेनवासी इसके पक्ष में थे। 2015 में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि समलैंगिकों को शादी का संवैधानिक अधिकार है। लैटिन अमेरिका के कुछ देशों में समलैंगिकता कानूनी है।

4 जहां खतरे में है अधिकार
हालांकि रूस के गे प्रॉपेगैंडा कानून में सिर्फ नाबालिगों के बीच समलैंगिकता को बढ़ावा देने पर रोक है लेकिन इस कानून का दुरुपयोग किया जाता है। 2013 में इस कानून को लागू होने के बाद एलजीबीटी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने और प्राइड मार्चों को रोकने के लिए हथियार के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जाता है। 18 और देशों में इस तरह का कानून है। इंडोनेशिया की संसद समलैंगिक संबंध समेत विवाहेतर संबंध को अवैध बनाने पर गौर कर रही है। इसके तहत पांच सालों तक की सजा हो सकती है। साल 2016 में होटलों और क्लबों आदि पर छापा मारकर सैकड़ों समलैंगिकों को गिरफ्तार किया गया था।

5 जहां समलैंगिकों से भेदभाव है गैरकानूनी
दुनिया के सिर्फ पांच देशों-बोलिविया, इक्वाडोर, फिजी, मालटा और यूके में समलैंगिकों के साथ भेदभाव गैरकानूनी है। पांच देशों मेक्सिको, न्यूजीलैंड, पुर्तगाल, दक्षिण अफ्रीका और स्वीडन का संविधान सेक्शुल ऑरियंटेशन के आधार पर सुरक्षा मुहैया कराता है।