जयपुर
आज बुराई के प्रतीक रावण का दहन होगा। पूरे देशभर में रावण का पुतला जलाकर लोग दशहरा उत्सव मनाएंगे। मिठाई खिलाकर एक—दूसरे के गले मिलकर इस उत्सव की बधाई देंगे। वहीं दूसरी तरफ ऐसे मासूम बच्चे जिनका अपना कोई नहीं है या जिन्हें अपनों ने छोड़ दिया या किसी कारण से जो अपनो से बिछड़ गए है। वे भी आज दशहरा पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाएंगे। आज शाम को इनके लिए भी रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। बच्चे इस मौके पर न सिर्फ बुराई को खत्म करेंगे बल्कि मिल जुलकर रहने का संदेश भी देंगे।
सरकार की लगभग सभी पंजीकृत संस्थाओं में रहने वाले मासूम बच्चों के लिए आज शाम को दशहरा पर्व मनाया जाएगा। बालिकाओं में इसे लेकर बेहद उत्साह है। बालिकाओं ने कुछ कोटेशन भी तैयार किए है जिसे वे पढ़कर सभी को सुनाएगी। और किस तरह बुराई को खत्म करके आगे बढ़ा जा सकता है इसका संदेश देंगी।
बाल बसेरा टाबर संस्था के प्रभावी रमेश पालीवाल ने बताया कि ये आयोजन हर साल होता है। बच्चे इसमें बड़े उत्साह के साथ भाग लेते है। इसका मकसद है इन बच्चों को अपनापन देने और अपनी संस्कृति के साथ जोड़े रखना। समाज की मुख्यधारा में ये बच्चे तभी पूरी तरह से शामिल भी हो सकेंगे।