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जीप को बना लिया टैंकर, लग्जरी कार को बना दिया एंबुलेंस
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जीप को बना लिया टैंकर, लग्जरी कार को बना दिया एंबुलेंस

शु-पक्षी बचेंगे तो प्रकृति बचेगी, प्रकृति बचेगी तो हम बचेंगे। इसी सोच के साथ चिलचिलाती गर्मी में बेजुबान पशु-पक्षियों को पानी पिलाने और घायलों की मदद के लिए मुहिम छेड़ी है इनकम टैक्स सलाहकार संदीप गुप्ता ने। उन्होंने दुर्घटना में घायलों को मदद के लिए लग्जरी कार को एंबुलेंस बना लिया और प्यासे पशु-पक्षियों के लिए जीप को पानी का टैंकर। मालवीय नगर निवासी गुप्ता का कहना है कोई भी प्यासा नहीं रहे। उनके मन में हमेशा दूसरों की सहायता और परोपकार की बात चलती रहती है।

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पशु-पक्षी बचेंगे तो प्रकृति बचेगी, प्रकृति बचेगी तो हम बचेंगे। इसी सोच के साथ चिलचिलाती गर्मी में बेजुबान पशु-पक्षियों को पानी पिलाने और घायलों की मदद के लिए मुहिम छेड़ी है इनकम टैक्स सलाहकार संदीप गुप्ता ने। उन्होंने दुर्घटना में घायलों को मदद के लिए लग्जरी कार को एंबुलेंस बना लिया और प्यासे पशु-पक्षियों के लिए जीप को पानी का टैंकर। मालवीय नगर निवासी गुप्ता का कहना है कोई भी प्यासा नहीं रहे। उनके मन में हमेशा दूसरों की सहायता और परोपकार की बात चलती रहती है।

रोज सुबह वह पशु-पक्षियों को पानी पिलाने निकल पड़ते हैं। मालवीय नगर, प्रधान मार्ग से लेकर पिकॉक गार्डन तक आठ पानी की टंकियां रखवाई हैं और चालीस परिंडे बंधवाए हैं। सुबह इन टंकियों और परिंडों में पानी भरते हैं और इस सेवा का नाम रखा है ‘देव जल सेवा’। इसके लिए अपनी जीप के पीछे 900 लीटर का टैंकर लगवा लिया। यही नहीं वह दोस्तों, रिश्तेदारों या जिनसे भी मिलते हैं उन्हें जलपात्र गिफ्ट करते हैं, ताकि पक्षियों को पानी मिल सके।

संदीप गुप्ता ने खुद की कार को एम्बुलेंस की तरह काम लेना शुरू कर दिया है। वह घायलों को अस्पताल ले जाते समय नीली बत्ती और सायरन भी लगा लेते हैं। संदीप अपनी लग्जरी कार को एंबुलेंस के रूप में काम में लेते हैं। उनकी गाड़ी में नीली बत्ती, दरी, दवाइयां हमेशा रहती है। वे कोई दुर्घटना देखते हैं, तो गाड़ी पर तुरंत एंबुलेंस का बोर्ड, नीली बत्ती और सायरन लगा लेते हैं और इसमें बैठाकर घायल को अस्पताल पहुंचाते हैं। इसके लिए यातायात पुलिस ने संदीप को एक लैटर भी दिया है, जिसमें वे राइट ऑफ वे जाकर घायलों की मदद कर सकते हैं। अब तक इस तरह 18 लोगों की जान बचा चुके हैं और 45 लोगों को अस्पताल पहुंचा चुके हैं।