
जयपुर
सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर अपराध के मामलों आरोप तय हो जाने पर चुनाव लड़ने पर रोक करने का फैसला संसद पर छोड़ दिया है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने इस बात पर चिंता जताई कि देश धनबल और बाहुबल के इस्तेमाल से काफी परेशान हैं। कोर्ट ने कहा कि हम चुनाव लड़ने की नई अयोग्यता नहीं जोड़ सकते। उम्मीद है संसद उपयुक्त कानून बनाएगी। फिलहाल, चुनाव फॉर्म में उम्मीदवार आपराधिक जानकारी दें। पार्टी वेबसाइट में भी जानकारी हो । कोर्ट ने कहा कि राजनीति का अपराधीकरण खत्म होना चाहिए और इसे खत्म किया जा सकता है। इससे निपटने के लिए संसद को आगे आना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान ने पिछले 28 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस संविधान बेंच में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा शामिल हैं।