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Patrika Book Fair 2025: खूबसूरती या सेहत? किताब ‘गहने क्यों पहनें’ में छिपा गहनों का असली राज, देखें वीडियो

पत्रिका बुक फेयर: परंपराओं में देखें तो आभूषण न केवल इस युग में मानव से जुड़े हैं, बल्कि देवी-देवताओं से भी जुड़े दिखाई देते हैं। गहनों का वैज्ञानिक आधार है।

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जयपुर

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Savita Vyas

Feb 18, 2025

जयपुर। जवाहर कला केंद्र के शिल्पग्राम में चल रहे पत्रिका बुक फेयर में पुस्तक ‘गहने क्यों पहनें’ पर चर्चा की गई। इस दौरान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने श्रोताओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा, अगर कोई गहना पहनता है, तो वह किसी न किसी बीमारी की रोकथाम कर रहा होता है। क्योंकि, हर गहना किसी न किसी एक्यूप्रेशर पाइंट को प्रभावित करता है। वहीं, राजस्थान पत्रिका की निदेशक दीप्ति कोठारी ने कहा, उनकी दादी सास सिर से लेकर पांव तक गहने पहनती थीं। जैसे बोरला, गोखरू, बीछिया और कनकती सब पहनती थीं और वो लंबे समय तक ऊर्जावान और सेहतमंद रहीं। पुस्तक में गहनों के बारे में गहन शोध के बाद जानकारी दी गई है। इसलिए इसके पढ़ने से पता चलता है कि ये केवल सजावट के लिए ही उपयोगी नहीं है, बल्कि शरीर को स्वस्थ रखने की दृष्टि से भी इनका बड़ा महत्व है। यहां तक कि पशुओं को भी गहने पहनाने की परंपरा रही है। पुस्तक में यह जानकारी मिलती है कि स्वस्थ जीवन का आधार गहने हैं। परिचर्चा की मॉडरेटर श्वेता तिवारी ने कहा, आधुनिक नारी गहनों से दूरी बना रही है। ऐसे समय में इस पुस्तक की उपयोगिता और ज्यादा हो जाती है। वहीं वरिष्ठ पत्रकार सुकुमार वर्मा ने कहा, पुस्तक में गहनों के बारे में वैज्ञानिक और वैदिक दृष्टिकोण से जानकारी दी गई है।