राजस्थान विश्वविद्यालय के भूगर्भ शास्त्र विभाग की ओर से शुक्रवार को ट्रॉपिकल बायो डायवर्सिटी और जियो फेक्टर विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता विवि के कुलपति प्रो. राजीव जैन ने की। सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. मार्टिना स्टेबिक व भारतीय वन अधिकारी अरिजीत बैनर्जी उपस्थित थे। मुख्य वक्ता डॉ. मार्टिना स्टेबिक ने लुनार झील की वनस्पति व जीवों पर भारतीय मानसून के असर के बारे में बताया। इसके साथ ही उन्होंने झील के चारों ओर के वातावरण को समझाते हुए पराग कण का उपयोग वृक्ष की जाति और जीवाश्मों के अध्ययन में बताया। डॉ. धर्मेंद्र खंडल ने सम्मेलन की पृष्ठभूमि को बनाए रखते हुए राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व से जुड़े समस्त टाइगर कॉरिडोर के बारे में जानकारी दी। इसी संदर्भ में निकित सूर्वे ने लिविंग विथ लैपड्र्स विषय पर संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के तेंदुओं की जैव विविधता व संरक्षण के बारे में चर्चा की।
साथ ही डॉ. श्रुति कांगा ने फारेस्ट फायर की रोकथाम की जानकारी दी। डॉ. सूरज सिंह ने हाथियों और मनुष्यों के बीच हो रही मुठभेड़ के बारे में चर्चा की। इस दो दिवसीय कांफ्रेंस में 100 से अधिक एब्सट्रैक आए हैं जिनका एक सोवेनियर के रूप में कांफ्रेंस के मुख्य अतिथि डॉ. राजीव जैन ने विमोचन किया। इस अवसर पर होप एंड बियोंड संस्था की ओर से राजस्थान के सांप नाम से पोस्टर का विमोचन किया गया।