जयपुर।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दो दिन तक बीकानेर क्षेत्र में देवदर्शन यात्रा की। उनकी इस यात्रा से संगठन ने दूरी बनाए रखी। मगर यात्रा के दौरान उमड़ी भीड़ के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। उनकी इस यात्रा को लेकर कई भाजपा नेताओं के बयान भी सामने आए हैं। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने देवदर्शन यात्रा को लेकर कहा था कि आपको पार्टी बाहर से अलग-अलग दिखाई दे रही होगी, लेकिन पार्टी एक है। सभी का मिशन एक है कि किस तरह फिर से भाजपा 2023 में ऐतिहासिक बहुमत से सरकार बनाई जाए। हम सभी उसी लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
अब भाजपा के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में सिंह ने कहा कि वसुंधरा राजे भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। पार्टी का कोई भी नेता कहीं जाता है या यात्रा निकालता है तो पार्टी के लिए अच्छा ही है। उन्होंने कांग्रेस को गुटों में बंटा हुआ बताया और कहा कि आपस में झगड़ा हो रहा है। कुर्सी की मारामारी हो रही है। जोधपुर में सिर तन से जुदा के नारे मामले में सिंह ने कहा कि जोधपुर में पहले भी दंगा हुआ है। वह सीएम अशोक गहलोत का गृह क्षेत्र है। यह तुष्टिकरण की राजनीति की वजह से हो रहा है। प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है।
यह भी पढ़ें: दिवाली के अगले दिन सूर्यग्रहण का साया, कैसे मनेगा त्योहार
गहलोत को सरकार में रहने का कोई हक नहीं
राजस्थान में चल रहे सियासी घटनाक्रम पर सिंह ने कहा विधायक और मंत्रियों के सामूहिक इस्तीफे के बाद गहलोत सरकार को नैतिकता के आधार पर सरकार में रहने का हक नहीं है। जब मंत्रियों- विधायकों का सामूहिक इस्तीफा हो जाता है तो फिर सरकार का अस्तित्व नहीं रहता हैं। विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी को भी मंत्री और विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने चाहिए। सिंह ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि इस्तीफा देने के बाद आखिर किस अधिकार से मंत्री और विधायक सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं।
यह भी पढ़ें: राजे-पूनिया के अलग-अलग दौरे, केंद्रीय मंत्री ने कह डाली यह बड़ी बात
दोषारोपण की राजनीति करते हैं मुख्यमंत्री
सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हर काम में केवल दोषारोपण की राजनीति करते हैं और विपक्ष के नेताओं पर दोष मंढ़ते हैं। उन्होंने 4 साल में दोषारोपण के अलावा और कोई काम नहीं किया। राजस्थान की जनता इनसे बहुत नाराज है और आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सबक सिखाएगी।