
स्वर्णनगरी में सोमवार सुबह ऐतिहासिक गड़ीसर सरोवर का दृश्य सामान्य दिनों से बिल्कुल अलग नजर आया। गड़ीसर प्रोल से आगे बढ़ती प्रभात फेरी, हाथों में जल संरक्षण संदेश लिए स्कूली विद्यार्थी, पारंपरिक परिधानों में शामिल महिलाओं की कलश यात्रा और ‘जल है तो कल है’ के नारों के बीच मरुधरा में जल बचत का एक बड़ा जनसंकल्प आकार लेता दिखाई दिया। गंगा दशहरा के अवसर पर ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 की शुरुआत जनभागीदारी और सांस्कृतिक रंगों के साथ हुई।
सुबह सात बजे शुरू हुई गतिविधियों के साथ गड़ीसर क्षेत्र जागरूकता और उत्साह के माहौल में बदल गया। एक ओर बच्चों की आवाजें जल संरक्षण का संदेश दे रही थीं तो दूसरी ओर पारंपरिक कलश यात्रा ने आयोजन को लोक संस्कृति से जोड़ते हुए विशेष आकर्षण दिया। गड़ीसर की पाल पर मौजूद लोगों के बीच पानी बचाने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर चर्चा भी लगातार चलती रही। बिस्सा बगेची परिसर में विधायक छोटूसिंह भाटी, प्रभारी सचिव महावीर प्रसाद मीणा और जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल की मौजूदगी में पीपल पूजन के साथ अभियान की शुरुआत हुई। इसके बाद पौधरोपण, पौध वितरण और सामूहिक जल संरक्षण संकल्प जैसे कार्यक्रमों ने आयोजन को जनसहभागिता का स्वरूप दिया।