जालौन. जिलाधिकारी डॉ मन्नान अख्तर ने एक नई पहल शुरु की है। उन्होंने जालौन जिले के बच्चों में साइंटिफिक एटीट्यूड क्वालिटी ऑफ एजुकेशन को बढ़ाने के लिये नई पहल की है, जिसके अंतर्गत उन्होंने ‘नन्हा कलाम’ नामक एक प्रोग्राम लांच किया है। जिसमें उन बच्चों को ढूंढा जा रहा है जो साइंटिफिक एटीट्यूड से ताल्लुक रखते हैं और कुछ कर गुजरने का जज्बा रखते हो। इसके लिये उन्होंने जिले में नन्हा कलाम प्रतियोगिता के आयोजन कराया। जिसमें जनपद के 40,000 बच्चों ने परीक्षा में भाग लिया।
जनपद की सभी तहसीलों में आयोजित इस परीक्षा में लगभग 1000 सेंटर्स बनाये गए थे और यह प्रतियोगिता सकुशल संम्पन्न हुई। इस प्रतियोगिता के प्रथम चरण में पास होने वाले छात्र और छात्राओं को स्टेट गवर्नमेंट और डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से हर ब्लॉक में प्रथम और द्वितीय रैंक लाने वाले 10 बच्चों को 20,000 रुपये स्कॉलरशिप प्रदान की जायेगी। इस प्रतियोगिता का प्रस्ताव जिलाधिकारी जालौन द्वारा उत्तर प्रदेश शासन को भेजा जा चुका है, जिसको खूब सराहना भी मिल रही है। इसको और हर जिले में लागू भी किया जा रहा है।
जालौन के जिलाधिकारी डाक्टर मन्नान अख्तर ने बताया कि इस प्रतियोगिता में दो कैटेगरी रखी गई है। जिनमें प्राइमरी और जूनियर लेवल के बच्चे भाग लेंगे और इसमें 3 लेवल पर प्रतियोगिताएं होंगी। पहले छात्रों को एमसीक्यू लेवल से गुजरना होगा उसके बाद उसमें पास होने वाले छात्रों को ब्लॉक लेवल पर प्रदर्शनी वर्क प्रोजेक्ट बनाने होंगे। इसमें तत्पश्चात पास होने वाले हर ब्लॉक से 10 बच्चों को स्टेट गवर्नमेंट की तरफ से और डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी ताकि वह अपने साइंटिफिक एटीट्यूड को देशहित में प्रयोग में ला सके।
इसी के साथ ही जिलाधिकारी जालौन ने जनपद जालौन के छात्रों से इस प्रतियोगिता में भाग लिए बच्चों को शुभकामनायेँ दीं और बताया कि इसके बाद इस प्रतियोगिता में शामिल बच्चों की परीक्षा कॉपी को गठित टीम द्वारा चेक करवाया जाएगा। उनमें से चयनित बच्चों को आगे के लिए तैयार करवाया जायेगा। हमारी कोशिश है कि छात्र अपने अंदर छिपे साइंटिफिक एटीट्यूड को बाहर लाए और देश का नाम रोशन करे। वहीं परीक्षा देने वाली छात्रा ने बताया कि उसने हर पूरे प्रश्न हल किये और उसे अच्छा लगा।